मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को 13 पैसे मजबूत होकर 90.34 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपये में यह मजबूती भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों और जिंस कीमतों में गिरावट के कारण आई। हालांकि, निवेशक समझौते की शर्तों को लेकर और स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसलिए बढ़त सीमित रही।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कॉरपोरेट की ओर से डॉलर की मांग और घरेलू शेयर बाजार की कमजोर स्थिति ने रुपये की बढ़त को सीमित कर दिया।
व्यापार समझौते की उम्मीदों के बावजूद, विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि बाजार अब जश्न मनाने से ज्यादा पुष्टि करने की ओर ध्यान दे रहा है, क्योंकि अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं हुए हैं और दोनों पक्षों ने अंतिम शर्तें औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं की हैं।
इसके अलावा निवेशक शुक्रवार को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर घोषणा के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.52 पर खुला और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 90.06 के उच्चस्तर तक गया और 90.53 के निचले स्तर तक आया। अंततः रुपया 90.34 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 13 पैसे अधिक है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों के बीच रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि, घरेलू बाजार की कमजोरी और मजबूत डॉलर तेजी को सीमित कर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव भी रुपये को उच्चस्तर पर दबाव में रख सकते हैं। निवेशक शुक्रवार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर ध्यान देंगे।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.29 प्रतिशत बढ़कर 97.90 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.43 प्रतिशत घटकर 68.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 503.76 अंक के नुकसान के साथ 83,313.93 अंक पर और निफ्टी 133.20 अंक टूटकर 25,642.80 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 2,150.51 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।
भाषा राजेश राजेश अजय
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