मुंबई, 27 मई (भाषा) रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की मामूली तेजी के साथ 95.68 (अस्थायी) पर रहा। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और बातचीत में हो रही देरी के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
विदेशीमुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू बाजारों में कमजोर रुख ने भी रुपये पर दबाव डाला। अब सबका ध्यान तीन से पांच जून के बीच होने वाली रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक पर है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.60 पर खुला, और कारोबार के दौरान अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.79 के निचले पर आ गया।
अंत में, रुपया 95.68 (अस्थायी) पर रहा, जो इसके पिछले बंद भाव से दो पैसे कम है।
रुपया मंगलवार को 44 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.70 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई की चिंताओं के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकती है। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 95.50 से 96.10 की दायरे में कारोबार करने का अनुमान है।’’
विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.07 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 141.90 अंक टूटकर 75,867.80 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 6.55 अंक की नाममात्र गिरावट के साथ 23,907.15 पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने मंगलवार को 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश रमण
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