India vs Pakistan Defence Budget 2026 || Image- Reuters FILE
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में रक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इस बार रक्षा बजट में रिकॉर्ड 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने रक्षा के लिए कुल 7,84,678 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 6,81,210 करोड़ रुपये थी। (India vs Pakistan Defence Budget 2026) इस तरह भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान के मुकाबले करीब दस गुना अधिक हो गया है। पाकिस्तान का 2025-26 का रक्षा बजट भारतीय मुद्रा में लगभग 72,850 करोड़ रुपये आंका गया है।
India has increased it’s Defence Budget by 15% to ₹7.85 lakh crores ($85 Billion) with the CapEx outlay increased by 21% to ₹2.19 lakh crores ($23 Billion). pic.twitter.com/NKIkzzc4XP
— News IADN (@NewsIADN) February 1, 2026
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2026-27 के लिए कुल पूंजीगत व्यय 2,19,306 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि राजस्व व्यय 5,53,668 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। राजस्व व्यय में पेंशन के लिए 1,71,338 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रक्षा मंत्रालय के इस बढ़े हुए बजट को सशस्त्र बलों की क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पूंजीगत व्यय के तहत आधुनिक सैन्य उपकरणों और प्लेटफॉर्म पर विशेष ध्यान दिया गया है। विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि नौसेना के बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 25,023 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। (India vs Pakistan Defence Budget 2026) सरकार का फोकस तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि 2025-26 में रक्षा बजट के लिए 6,81,210 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। उस वर्ष पूंजीगत व्यय 1,80,000 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसे संशोधित अनुमान के चरण में बढ़ाकर 1,86,454 करोड़ रुपये कर दिया गया था। नए बजट में इस राशि में और इजाफा किया गया है।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा और विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने असैन्य, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक घटकों और पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव रखा। (India vs Pakistan Defence Budget 2026) इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण में उपयोग किए जाने वाले विमान पुर्जों के निर्माण के लिए आयातित कच्चे माल पर भी सीमा शुल्क माफ करने की घोषणा की गई है। इन फैसलों से रक्षा और अंतरिक्ष उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।