कोलकाता, आठ अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने बुधवार को कहा कि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92-93 के स्तर पर स्थिर होने की उम्मीद है।
उन्होंने भरोसा जताया कि वैश्विक तनाव कम होने और मजबूत आर्थिक बुनियाद के कारण निकट भविष्य में विदेशी निवेश बढ़ेगा।
देव ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी निकालने से रुपये पर दबाव बना था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर को पार कर गया था, लेकिन अब इसमें सुधार की संभावना है।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को सहने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि देश की राजकोषीय स्थिति इतनी मजबूत है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर खर्च जारी रखा जा सकता है।
चालू खाते के घाटे (कैड) पर देव ने कहा कि यह वर्तमान में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.3 प्रतिशत पर है और इसके दो प्रतिशत तक जाने पर भी कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है।
आर्थिक वृद्धि दर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भले ही 6.9 प्रतिशत का अनुमान लगाया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।
उन्होंने इसे 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर एक सकारात्मक कदम बताया।
भाषा सुमित अजय
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