सेबी ने आईएफएससीए विनियमित इकाइयों को केवाईसी रिकॉर्ड तक पहुंच की अनुमति दी
सेबी ने आईएफएससीए विनियमित इकाइयों को केवाईसी रिकॉर्ड तक पहुंच की अनुमति दी
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के तहत आने वाली इकाइयों को पंजीकृत केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों की प्रणालियों तक पहुंच की अनुमति दे दी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि इस कदम से वित्तीय सेवाओं से जुड़े ग्राहकों की जानकारी के सुगम आदान-प्रदान में मदद मिलेगी और सेबी-पंजीकृत केआरए तथा आईएफएससीए विनियमित संस्थाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ेगा।
नियामक ने कहा कि आईएफएससीए के अंतर्गत आने वाली इकाइयां अब अपने साथ वित्तीय सेवाओं के लिए जुड़े ग्राहकों का केवाईसी पूरा करने के लिए केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) के रिकॉर्ड तक पहुंच बना सकेंगी।
केवाईसी पंजीकरण एजेंसी (केआरए) ऐसी संस्था होती है जो निवेशकों के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) रिकॉर्ड का रखरखाव करती है। केवाईसी प्रक्रिया के तहत वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों की पहचान और अन्य जरूरी जानकारियों का सत्यापन करते हैं।
सेबी ने आईएफएससीए के दायरे में आने वाली इकाइयों को केवाईसी पंजीकरण एजेंसी विनियमन, 2011 के विनियमन 16ए (1) के तहत शामिल किया है। इस प्रावधान के तहत सेबी द्वारा निर्धारित वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के अंतर्गत आने वाली इकाइयों को केवाईसी प्रक्रिया के लिए केआरए प्रणाली तक पहुंच की अनुमति दी जाती है।
नियामक ने कहा कि केआरए प्रणाली का उपयोग करने वाली सभी संस्थाओं को केआरए विनियमन और प्रतिभूति बाजार के लिए केवाईसी मानदंडों से संबंधित सेबी के मास्टर परिपत्र के प्रावधानों का पालन करना होगा।
सेबी ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के रूप में पंजीकृत ग्राहकों के मामले में संबंधित संस्थाओं को एफपीआई, नामित डिपॉजिटरी प्रतिभागियों और पात्र विदेशी निवेशकों के लिए सेबी के डेटा सुरक्षा दिशानिर्देशों का भी पालन करना होगा।
इस परिपत्र के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
भाषा रमण अजय
अजय

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