(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों (एफवीसीआई) के लिए अमेरिकी डॉलर में निर्धारित मौजूदा पंजीकरण शुल्क व्यवस्था की जगह भारतीय रुपये में शुल्क निर्धारित करने की व्यवस्था लागू की है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अधिसूचना में कहा कि इस बदलाव को लागू करने के लिए एफपीआई से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधान छह महीने बाद प्रभावी होंगे।
सेबी ने तीन जुलाई को जारी अधिसूचना के जरिये प्रथम श्रेणी के एफपीआई और एफवीसीआई के लिए पंजीकरण शुल्क 2,500 अमेरिकी डॉलर से संशोधित कर 2.3 लाख रुपये कर दिया।
बाजार नियामक ने एफपीआई पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले साझा आवेदन पत्र को भी अद्यतन किया है। नियामक ने स्थायी खाता संख्या (पैन) आवंटन की सुविधा के लिए साझा आवेदन पत्र में आवेदक की जन्म तिथि या कंपनी के गठन की तिथि को शामिल करना अनिवार्य किया है।
इसके अलावा, नामित डिपॉजिटरी प्रतिभागियों (डीडीपी) को पंजीकरण दिए जाने के बाद एकत्रित पंजीकरण शुल्क पांच कार्य दिवस के भीतर सेबी को जमा कराना होगा।
सेबी ने कहा, ‘‘ प्रत्येक नामित डिपॉजिटरी प्रतिभागी प्रारंभिक पंजीकरण के मामले में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों से एकत्रित शुल्क भारतीय रुपये में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक को पंजीकरण प्रमाणपत्र दिए जाने की तिथि से पांच कार्य दिवस के भीतर, समय-समय पर निर्धारित प्रारूप में विवरण के साथ बोर्ड को जमा करेगा।’’
भाषा निहारिका अजय
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