नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने गैर-बैंक कस्टोडियन (संरक्षक) के लिए विनियमित और गैर-विनियमित वित्तीय सेवाओं को अलग-अलग रणनीतिक व्यापार इकाइयों (एसबीयू) के माध्यम से संचालित करने को दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें इन इकाइयों के लिए अलग खाते बनाए रखने और इन व्यवसायों के लिए स्वतंत्र रूप से नेटवर्थ संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के निर्देश भी शामिल हैं।
नियामक ने अपने परिपत्र में कहा कि कस्टोडियन एंड डीडीपी स्टैंडर्ड्स सेटिंग फोरम (सीडीएसएसएफ), सेबी के परामर्श से उन वित्तीय सेवा गतिविधियों की सूची तय करेगा, जो संरक्षक कर सकते हैं।
सेबी ने कहा कि ऐसे कस्टोडियन जो बैंक नहीं हैं, या बैंकों की अनुषंगी कंपनियां, सहयोगी या संयुक्त उद्यम नहीं हैं, उन्हें सेबी विनियमित और गैर-सेबी विनियमित वित्तीय सेवाओं को अलग-अलग एसबीयू के माध्यम से संचालित करना होगा।
सेबी ने बुधवार को जारी अपने परिपत्र में कहा, ‘‘एसबीयू के लिए समान दूरी के आधार पर अलग खाते तैयार और बनाए रखे जाएंगे, कस्टोडियन के लिए नेटवर्थ के मानदंड एसबीयू के बही-खातों को छोड़कर पूरे किए जाने चाहिए।’’
उन्हें निर्देश दिया गया है कि यदि वे गैर-विनियमित वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं, तो वे ग्राहकों को इस बारे में बताएं और एक पावती प्राप्त करें कि सेबी ऐसी गतिविधियों से संबंधित शिकायतों का निपटारा नहीं करेगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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