नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का रास्ता साफ करते हुए अपना अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया है। एक्सचेंज के शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मिली मंजूरी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की एक दशक से लंबित योजना के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
एनएसई ने लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए वर्ष 2016 में पहली बार मसौदा प्रस्ताव दाखिल किया था। लेकिन संचालन से जुड़ी खामियों और को-लोकेशन विवाद से जुड़ी नियामक चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी रोक दी थी।
इसके बाद से एनएसई ने आईपीओ पर नियामकीय मंजूरी हासिल करने के लिए कई बार सेबी का दरवाजा खटखटाया था।
एनएसई के चेयरपर्सन श्रीनिवास इन्जेटी ने कहा कि सेबी की अनापत्ति मिलना एक्सचेंज की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
उन्होंने कहा, ‘‘सेबी की मंजूरी के साथ हम अपने सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह मंजूरी भारतीय अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजारों में एनएसई की अहम भूमिका में विश्वास को भी मजबूत करती है।’’
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने जनवरी की शुरुआत में कहा था कि अनुचित बाजार पहुंच मामले में निपटान की एनएसई की अर्जी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा था कि आईपीओ पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी होने में लगभग एक माह का समय लग सकता है।
एनएसई का आईपीओ प्रस्ताव को-लोकेशन मामले में कुछ ब्रोकरों को एक्सचेंज की ट्रेडिंग प्रणाली तक तरजीही पहुंच देने का आरोप लगने के बाद अटक गया था। वर्षों की कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में एनएसई ने 1,388 करोड़ रुपये का निपटान किया और बाजार सूचीबद्धता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
प्रस्तावित आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े निर्गम में से एक हो सकता है। एनएसई के लगभग 1.77 लाख शेयरधारक हैं और इसका मूल्यांकन पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने पहले कहा था कि एनओसी मिलने के बाद मसौदा प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारियां शुरू की जाएंगी। एनओसी मिलने के लगभग चार माह के भीतर मसौदा प्रस्ताव दाखिल किया जा सकता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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