सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, शोध और प्रशिक्षण बढ़ाने के लिए किया समझौता

Ads

सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, शोध और प्रशिक्षण बढ़ाने के लिए किया समझौता

  •  
  • Publish Date - August 24, 2026 / 10:07 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 10:07 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता बढ़ाने और प्रतिभूति बाजार में शोध, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम) के साथ साझेदारी की है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि तीनों संस्थानों के बीच 17 अगस्त को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत शिक्षा, प्रशिक्षण, नीतिगत सहयोग, संस्थागत सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग किया जाएगा।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जबकि एनआईएसएम सेबी की शैक्षणिक पहल है।

समझौते के तहत तीनों संस्थान मिलकर सरकारी अधिकारियों, नियामकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों, सेबी के नियामकीय दायरे में आने वाले संस्थानों, शिक्षाविदों और आम लोगों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम और जागरूकता अभियान तैयार करेंगे और संचालित करेंगे।

इस सहयोग के तहत सेबी के अधिकारियों, विनियमित संस्थानों और आम लोगों के लिए मौजूदा और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

प्रशिक्षण में सुरक्षित सॉफ्टवेयर विकास, कोडिंग के तरीके, एपीआई सुरक्षा और साइबर सुरक्षा शामिल होंगे। इसमें साइबर हमलों की स्थिति से निपटने के लिए उपाय, साइबर जागरूकता तथा निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन के लिए जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम भी शामिल हैं।

इसके अलावा सुरक्षा संचालन केंद्र (एसओसी) प्रशिक्षण, कमजोरियों का आकलन, प्रवेश परीक्षण, कृत्रिम मेधा, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे।

समझौते में उद्योग से जुड़े पेशेवरों, सेबी विनियमित संस्थानों और इस क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू करने का भी प्रावधान है।

सहयोग के तहत शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही आरआरयू द्वारा विकसित ‘ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस’ (ओएसआईएनटी) प्रौद्योगिकियों और तरीकों का इस्तेमाल कर प्रतिभूति बाजार से जुड़ी जानकारी को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। समझौते में शिक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का लाभ उठाने की भी बात कही गई है।

सेबी के अनुसार, समझौते की एक प्रमुख विशेषता तकनीकी नवोन्मेष इकाई (टीआईयू) की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसे प्रतिभूति बाजार के लिए एक कमान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। टीआईयू भारतीय प्रतिभूति बाजार तंत्र में संयुक्त गतिविधियों, शोध और नवोन्मेष पर ध्यान देगी।

भाषा रमण

रमण