‘सेमीकॉन 2.0’ योजना से बनेंगी 200 चिप डिजाइन कंपनियां: वैष्णव

'सेमीकॉन 2.0' योजना से बनेंगी 200 चिप डिजाइन कंपनियां: वैष्णव

‘सेमीकॉन 2.0’ योजना से बनेंगी 200 चिप डिजाइन कंपनियां: वैष्णव
Modified Date: September 18, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: September 18, 2026 9:57 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर योजना ‘सेमीकॉन 2.0’ के तहत लगभग 200 चिप डिजाइन कंपनियों के सामने आने की उम्मीद है।

एक संवाद सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन 200 चिप कंपनियों का उभरना देश के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।

वैष्णव ने कहा, ”आईटी उद्योग और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) में स्थापित देश की डिजाइन क्षमता अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बढ़ रही है। हमारा अनुमान है कि सेमीकॉन 2.0 के तहत कम से कम 200 चिप डिजाइन कंपनियां उभरेंगी।”

उन्होंने बताया कि ‘आईएसएम 1.0’ में चिप-डिजाइन स्टार्टअप के लिए सहायता के पहले चरण का ध्यान इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स की उच्च लागत को कम करने पर केंद्रित था। इस पहल के माध्यम से 105 से अधिक चिप डिजाइन स्टार्टअप को अत्याधुनिक ईडीए टूल्स तक पहुंच मिली, जबकि 20 स्टार्टअप को उद्यम पूंजी वित्तपोषण मिला।

वैष्णव ने कहा कि इस क्षेत्र की प्रगति ने इस कार्यक्रम के विस्तार को प्रोत्साहित किया है और बड़ी कंपनियों तथा वैश्विक स्तर पर काम कर रहे भारतीय मूल के इंजीनियरों की भागीदारी बढ़ाई है।

मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश ने सटीक विनिर्माण क्षमताओं को विकसित करने में मदद की है, जो अब इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल विनिर्माण, एयरोस्पेस, विमानन, रक्षा और सेमीकंडक्टर सहित कई क्षेत्रों को सहयोग दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ”अगला ध्यान विनिर्माण संयंत्रों के भीतर ही व्यावहारिक अनुसंधान एवं विकास पर होना चाहिए, जिसका मकसद उत्पाद की गुणवत्ता और विनिर्माण प्रक्रियाओं में सुधार करना हो।”

एक अलग संवाददाता सम्मेलन में वैष्णव ने कहा कि ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में आयोजित आधा दर्जन से अधिक देशों की गोलमेज बैठकें दर्शाती हैं कि उनकी सरकारें अपनी कंपनियों द्वारा भारत में काम बढ़ाने का समर्थन कर रही हैं।

साझेदारी के अवसरों का मूल्यांकन करने के लिए अमेरिका, जापान, नीदरलैंड, फिनलैंड, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया की सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने भारतीय कंपनियों तथा केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठकें कीं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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