मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट बनी रही और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 243 अंक के नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी 64 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम में तेजी, ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 72,529.07 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 707.72 अंक की गिरावट के साथ 72,064 अंक पर आ गया था।
एनएसई निफ्टी भी 64.05 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,716.20 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में टाइटन, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टेक महिंद्रा प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 105.1 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 5,353.22 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल के लगभग दो दशक के उच्च स्तर पर बने रहने और एफआईआई की लगातार बिकवाली के कारण रुपये पर दबाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, आईपीओ के जरिये धन जुटाने की तेज रफ्तार भी अतिरिक्त नकदी को बाजार से निकाल रही है। वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक रुख के बीच इस साल नीतिगत दर में वृद्धि की संभावना बढ़ने के साथ निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर बनी हुई है।’’
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा के अनुसार, वायदा एवं विकल्प खंड में मासिक सौदों के निपटान के बीच भी बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
मिश्रा ने कहा, ‘‘मासिक सौदों के निपटान वाले दिन बाजार बिकवाली के दबाव में रहा और गिरावट का रुख जारी रहा। कमजोर शुरुआत के बाद ज्यादातर समय प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे और करीब छह महीने के निचले स्तर के आसपास कारोबार करते रहे। हालांकि, बाद में निचले स्तर से मामूली सुधार हुआ। कच्चे तेल की कीमत ऊंची बने रहने और अमेरिका में 10 साल के बॉण्ड प्रतिफल के मजबूत बने रहने से वैश्विक चिंताओं के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।’’
मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.99 प्रतिशत टूटा, जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट 0.25 प्रतिशत चढ़ा।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट में तेजी रही।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स सोमवार को 1,124.02 अंक टूटकर 72,771.72 अंक पर बंद हुआ था, जो 30 मार्च, 2026 के बाद का निचला बंद स्तर था। निफ्टी 360.25 अंक की गिरावट के साथ 22,780.25 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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