नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) भारत की आयु संरचना में बदलाव शुरू हो गया है और प्रजनन दर उस स्तर से नीचे आ गई है, जिससे आबादी लंबे समय में स्थिर बनी रहती है। इससे इस सदी के उत्तरार्ध में देश की आबादी काफी उम्रदराज हो सकती है। साख तय करने वाली एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को यह बात कही।
आबादी में वृद्धि लंबे समय से आर्थिक वृद्धि और साख के लिए अनुकूल रही है, लेकिन प्रजनन दर में गिरावट अब इस तस्वीर को बदल रही है।
कम श्रमिकों के कारण उत्पादन क्षमता सीमित होगी, जबकि कम परिवार और उपभोक्ताओं से मांग कमजोर होगी। इसके परिणामस्वरूप, देशों को आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लिए उत्पादकता पर अधिक निर्भर रहना होगा।
मूडीज ने कहा कि वैश्विक प्रजनन दर 1950 में प्रति महिला 4.9 बच्चे थी जो अब घटकर करीब 2.2 रह गई है। यह 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से केवल थोड़ी अधिक है।
मूडीज ने वैश्विक जनसंख्या पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘इस मामले को खास तौर पर महत्वपूर्ण बात यह है कि दुनिया की कई सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एक ही समय में उम्रदराज हो रही हैं। वास्तव में, दुनिया की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी अब ऐसे देशों में रहती है जहां प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर पर या उससे नीचे है। यानी प्रजनन दर उस स्तर से नीचे आ गई है, जिससे आबादी लंबे समय में स्थिर बनी रहती है। ’’
उसने कहा कि लातिनी अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में प्रजनन दर अब यूरोप और जापान के समान हो गई है, जबकि पूर्वी एशिया के कई देशों में प्रजनन दर अब तक दर्ज किए गए सबसे निचले स्तर में है।
जापान में आबादी की आयु संरचना सबसे अधिक उम्रदराज है। वहां करीब 30 प्रतिशत आबादी 65 वर्ष से अधिक उम्र की है और लगभग 11 प्रतिशत 15 वर्ष से कम उम्र की है। दक्षिण कोरिया इसके करीब है, जबकि चीन भी तेजी से इसी दिशा में बढ़ रहा है।
ब्राजील, भारत, थाइलैंड और तुर्किये समेत उभरते बाजार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मूडीज ने कहा, ‘‘हालांकि, भारत की आबादी अभी अपेक्षाकृत युवा है, लेकिन प्रजनन दर पहले ही प्रतिस्थापन स्तर से नीचे आ चुकी है और देश की आयु संरचना में बदलाव शुरू हो गया है। इससे इस सदी के उत्तरार्ध में काफी उम्रदराज आबादी की स्थिति की पृष्ठभूमि तैयार हो रही है।’’
प्रजनन दर में गिरावट से अंततः आबादी की वृद्धि के साथ-साथ उसकी आयु संरचना भी बदलती है। आज जिन देशों में प्रजनन दर में सबसे तेज गिरावट हो रही है, आने वाले दशकों में उनकी आबादी भी सबसे तेजी से उम्रदराज होगी।
भाषा रमण अजय
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