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मुंबई, छह मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के सातवें दिन शुक्रवार को निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने से घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,097 अंक टूटकर बंद हुआ जबकि निफ्टी 315 अंक लुढ़क गया।
विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी एवं यूरोपीय बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,097 अंक यानी 1.37 प्रतिशत टूटकर 78,918.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,203.72 अंक लुढ़ककर 78,812.18 अंक तक आ गया था।
इसी तरह, एनएसई का मानक सूचकांक निफ्टी भी 315.45 अंक यानी 1.27 प्रतिशत के नुकसान के साथ 24,450.45 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
पश्चिम एशिया संकट गहराने से कच्चे तेल के दामों में तेजी के बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.53 प्रतिशत चढ़कर 87.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से पश्चिम एशिया से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। यह तेजी भारत के चालू खाते के घाटे, मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति के रुख को प्रभावित कर सकती है।’’
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.10 प्रतिशत नीचे आया, जबकि छोटी कंपनियों का स्मालकैप 0.43 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
क्षेत्रवार सूचकांकों में भी व्यापक गिरावट रही। शीर्ष 10 बैंकों में 2.37 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई जबकि प्राइवेट बैंक सूचकांक 2.25 प्रतिशत, बैंकेक्स 2.14 प्रतिशत और वित्तीय सेवाएं सूचकांक 2.12 प्रतिशत गिर गया।
इसके अलावा बीएसई पीएसयू बैंक सूचकांक 1.99 प्रतिशत और सेवाएं सूचकांक 1.35 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
हालांकि पूंजीगत वस्तु, औद्योगिक और बिजली क्षेत्र के सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,304 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,895 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
साप्ताहिक आधार पर देखें तो बीएसई सेंसेक्स इस दौरान 2,368.29 अंक यानी 2.91 प्रतिशत टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 728.2 अंक यानी 2.89 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संकट के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से घरेलू शेयर बाजार खासी गिरावट के साथ बंद हुए। इसके साथ अस्थिरता को दर्शाने वाला सूचकांक इंडिया विक्स भी एक सत्र में 11 प्रतिशत बढ़ गया।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,752.52 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,153.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 899.71 अंक चढ़कर 80,015.90 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 285.40 अंक बढ़कर 24,765.90 अंक पर पहुंच गया था।
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प्रेम अजय
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