ईरान संकट गहराने से शेयर बाजार सहमा, चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 1,236 अंक लुढ़का

ईरान संकट गहराने से शेयर बाजार सहमा, चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 1,236 अंक लुढ़का

ईरान संकट गहराने से शेयर बाजार सहमा, चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 1,236 अंक लुढ़का
Modified Date: February 19, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: February 19, 2026 7:29 pm IST

(चार्ट के साथ)

मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से उपजी चिंताओं के बीच बृहस्पतिवार को चौतरफा बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,236 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 365 अंक लुढ़ककर 25,500 अंक से नीचे आ गया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स तीन सत्रों से जारी तेजी पर विराम लगाते हुए 1,236.11 अंक यानी 1.48 प्रतिशत टूटकर 82,498.14 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 1,470.05 अंक फिसलकर 82,264.20 अंक पर आ गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 365 अंक यानी 1.41 प्रतिशत लुढ़ककर 25,454.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी एक समय 430.6 अंक के नुकसान के साथ 25,388.75 अंक तक आ गया था।

निफ्टी में गिरावट इस कदर व्यापक रही कि समूह में शामिल 50 में से 47 कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी लिमिटेड, पावर ग्रिड के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशक धारणा को प्रभावित किया, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।’’

नायर ने कहा कि कच्चे तेल के साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच जाने से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ीं और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते बाजार में अस्थिरता बढ़ी।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,927 शेयर नुकसान में बंद हुए जबकि 1,276 शेयरों में तेजी रही। 164 अन्य के भाव अपरिवर्तित रहे।

व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.71 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों का स्मालकैप 0.98 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड में सर्वाधिक 2.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि बिजली खंड में 2.22 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड में 2.18 प्रतिशत और सेवा खंड में 2.11 प्रतिशत की गिरावट रही।

इस चौतरफा गिरावट का नतीजा यह हुआ कि बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 6,79,210.1 करोड़ रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘ईरान पर अमेरिकी हमले की बढ़ती आशंका को देखते हुए निवेशकों ने जोखिम से परहेज किया। इससे कच्चा तेल एक प्रतिशत से अधिक चढ़ गया जबकि सोने एवं चांदी में भी एक प्रतिशत तक की तेजी रही।’’

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 71.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तीन प्रतिशत और जापान का निक्की एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग और चीन के बाजार पारंपरिक चंद्र नववर्ष पर अवकाश के चलते बंद रहे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1,154.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी 440.34 करोड़ रुपये के शुद्ध लिवाल रहे।

बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक चढ़कर 83,734.25 अंक पर और एनएसई निफ्टी 93.95 अंक बढ़कर 25,819.35 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

राजेश प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में