वायदा कारोबार में चांदी की कीमत पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार

वायदा कारोबार में चांदी की कीमत पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 05:47 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 05:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) निवेशकों की मजबूत मांग और सकारात्मक वैश्विक रुझानों से वायदा कारोबार में सोमवार को चांदी की कीमत में भारी उछाल आया और यह पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मार्च में आपूर्ति वाले चांदी का वायदा भाव 16,438 रुपये यानी करीब छह प्रतिशत की भारी तेजी के साथ 3,04,200 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

चांदी के वायदा भाव में पिछले सप्ताह के दौरान करीब 14 प्रतिशत यानी 35,037 रुपये की तेजी आई है। इसकी कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2,35,701 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसमें अबतक 68,499 रुपये यानी 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सोने के वायदा भाव में भी जोरदार तेजी रही। सोने के फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 2,983 रुपये यानी 2.09 प्रतिशत बढ़कर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

सोने की कीमत में पिछले सप्ताह में 3,698 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

कोटक म्यूचुअल फंड के कोष प्रबंधक सतीश डोन्डापति ने बताया कि एमसीएक्स में चांदी और सोना दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं जिनकी कीमत क्रमशः 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम और 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि कीमती धातुओं में यह तेजी लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता, कमजोर अमेरिकी डॉलर, आपूर्ति संबंधी चिंताओं और मजबूत निवेश मांग के कारण है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च में आपूर्ति वाले चांदी के वायदा अनुबंध की कीमत 5.81 अमेरिकी डॉलर यानी 6.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.35 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। दूसरी ओर सोने के फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 102.6 अमेरिकी डॉलर यानी 2.23 प्रतिशत चढ़कर 4,698 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

वैश्विक स्तर पर पिछले सप्ताह चांदी में 9.2 अमेरिकी डॉलर यानी 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि सोने में 94.5 अमेरिकी डॉलर यानी 2.09 प्रतिशत की तेजी देखी गई। दोनों धातुओं को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर अमेरिकी डॉलर से मजबूती मिली।

विश्लेषकों का कहना है कि औद्योगिक मांग में तेजी एवं अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने चांदी को और अधिक समर्थन दिया है जो हाल के सत्रों में सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

चॉइस ब्रोकिंग के जिंस एवं मुद्रा विश्लेषक आमिर मकदा ने कहा, ‘‘ चांदी ने 2025 की गति को बरकरार रखते हुए करीब 30 प्रतिशत का ‘रिटर्न’ दिया है। औद्योगिक कमी और भू-राजनीतिक बदलावों के सहज प्रभाव के कारण चांदी करीब 94 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है जिसे कभी अकल्पनीय माना जाता था।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण

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