Silver Price Crash: 60% तक गिर सकता हैं चांदी का भाव! अगर एक्सपर्ट्स की बात नहीं मानी तो डूब जाएगा आपका पैसा!

Silver Price Crash: चांदी की हालिया रिकॉर्ड तेजी के बाद एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को मुनाफा बुक कर निकलने की सलाह दी है। सोलर और बैटरी सेक्टर में तांबे के बढ़ते इस्तेमाल से मांग घटेगी, जिससे 2027 तक चांदी के दाम 60% तक गिर सकते हैं।

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 11:33 AM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 11:37 AM IST

(Silver Price Crash/ Image Credit: Pixabay)

HIGHLIGHTS
  • चांदी की रिकॉर्ड तेजी अब गिरावट में बदल रही है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 82.670 डॉलर से 71.300 डॉलर तक लुढ़की।
  • सोलर और बैटरी सेक्टर में तांबे का इस्तेमाल बढ़ा, मांग घटेगी।

नई दिल्ली: Silver Price Crash: पिछले समय में चांदी की कीमतों ने निवेशकों को खुश कर दिया था, लेकिन अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाजार में गिरावट का दौर आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने 82.670 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड छुआ था, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में यह 71.300 डॉलर तक लुढ़क गई। इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय है मुनाफा बुक कर बाजार से बाहर निकलने का, क्योंकि आने वाले समय में कीमतें 60% तक गिर सकती हैं।

Silver Price Crash: तेजी के पीछे की वजह

2025 में चांदी की कीमतों में करीब180% की वृद्धि देखी गई। इस तेजी के पीछे कई कारण थे। सैमसंग जैसी कंपनियों ने लिथियम-आयन बैटरी की जगह सॉलिड-स्टेट बैटरी अपनाई, जिससे चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ी। पेरू और चाड से सप्लाई में रुकावट, अमेरिका-वेनेजुएला तनाव और चीन द्वारा 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर रोक ने भी कीमतों को बढ़ावा दिया।

Silver Price Crash: अब उद्योगों में चांदी की जगह तांबे का उपयोग

महंगी चांदी के कारण उद्योग अब विकल्प तलाश रहे हैं। सोलर पैनल, फोटोवोल्टिक सेल और बैटरी सेक्टर में कंपनियों ने चांदी की जगह तांबे का उपयोग शुरू कर दिया है। इजराइल, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और चीन की कंपनियां इस बदलाव में तेजी से काम कर रही हैं। यह रुझान भविष्य में चांदी की मांग और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

Silver Price Crash: विशेषज्ञों ने क्या कहा?

1980 में हंट ब्रदर्स के समय चांदी 49.5 डॉलर से 11 डॉलर तक गिर गई थी। 2011 में भी 48 डॉलर से लगभग 75% गिरावट दर्ज हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी भी अल्पकालिक है और निवेशकों को सावधानी से निवेश करना चाहिए।

Silver Price Crash: निवेशकों के लिए नुकसान का खतरा

विशेषज्ञों का अनुमान है कि फरवरी 2026 तक चांदी 100 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है, लेकिन यह केवल शॉर्ट-टर्म तेजी होगी। वित्त वर्ष 2027 तक कीमतें गिरकर 35-40 डॉलर प्रति औंस तक आ सकती हैं। यानी मौजूदा स्तर पर निवेशकों को भारी नुकसान का खतरा है।

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चांदी की कीमतों में हाल ही में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने 82.670 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड छुआ, लेकिन तुरंत गिरकर 71.300 डॉलर पर आ गई।

तेजी के पीछे मुख्य कारण क्या थे?

2025 में मांग और आपूर्ति में अंतर, सॉलिड-स्टेट बैटरी की बढ़ती मांग, सप्लाई रुकावट और चीन का निर्यात नियंत्रण।

उद्योग चांदी की जगह क्यों तांबे का इस्तेमाल कर रहे हैं?

महंगी चांदी के कारण सोलर, फोटोवोल्टिक और बैटरी सेक्टर की कंपनियां आर्थिक रूप से सस्ते विकल्प तांबे को अपनाने लगी हैं।

भविष्य में चांदी के भाव कितने तक गिर सकते हैं?

विशेषज्ञों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 तक चांदी 35-40 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है।