Sakti Fake Certificate Case: सप्लीमेंट्री को बता दिया था डिस्टेंस.. सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा कर शिक्षाकर्मी बनने वाला आरोपी पहुंचा जेल, इस जिले का मामला

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Sakti Fake Certificate Case: सक्ती में फर्जी अंकसूची से शिक्षाकर्मी नौकरी पाने वाले आरोपी को तीन साल सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा।

  • Reported By: Netram Baghel

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 11:16 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 11:18 PM IST

Sakti Fake Certificate Case || Image- IBC24 news

HIGHLIGHTS
  • फर्जी अंकसूची से पाई थी नौकरी
  • कोर्ट ने सुनाई तीन साल सजा
  • अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास

सक्ती: जिले के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर राजेश खलखो ने कूट रचित अंकसूची और फर्जी खेलकूद के प्रमाण पुत्र का उपयोग कर शिक्षाकर्मी की नौकरी पाने के आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप को अलग अलग धाराओं में तीन वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। (Sakti Fake Certificate Case) आरोपी ने 12 वीं का फर्जी अंकसूची बनवाकर लंबे समय से नौकरी कर रहा था ,जिसकी शिकायत के बाद यह फैसला सुनाई गई है।

पूरक के स्थान पर बताया था डिस्टेंस

अभियोजक के अनुसार आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप ग्राम मरघट्टी थाना हसौद द्वारा वर्ष 2007 में मल्दा स्थित पीतांबर हायर सेकेंडरी स्कूल से हायर सेकेंडरी की विज्ञान विषय पर परीक्षा दिया था। जिसमें उसका वास्तविक परीक्षाफल भौतिकी विषय पर सप्लीमेंट्री होकर पूर्णांक कुल 500 में प्राप्तांक 257 था। परंतु आरोपी द्वारा उसी वर्ष शिक्षाकर्मी पद हेतु आवेदन फार्म पर अपना हायर सेकेंडरी की परीक्षाफल आवेदन विवरण में पूर्णांक कुल 500 में 405 अंक प्राप्त होना उल्लेख करते हुए आवेदन के साथ प्रस्तुतन फर्जी अंक सूची जिसमें भौतिकी विषय सप्लीमेंट्री के स्थान पर डिस्टेंस सहित अन्य विषयों के प्राप्तांक को बढ़ाते हुए फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर नौकरी कर रहा था।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर में पेश

चितरंजन कश्यप द्वारा फर्जी अंक सूची एवं खेलकूद के कूट रचित प्रमाण पत्र का उपयोग कर शिक्षाकर्मी की नौकरी प्राप्त करने की शिकायत लिखित में हसौद थाना में किया गया था ,शिकायत सही पाने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 474 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध बाद विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र वर्ष 2019 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर में पेश किया गया। (Sakti Fake Certificate Case) न्यायालय में विचारण दौरान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर राजेश खलखो ने आरोपी चितरंजन कश्यप को हायर सेकेंडरी की फर्जी अंकसूची और खेलकूद का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षाकर्मी पद के आवेदन पर मिथ्या परीक्षाफल लेख कर नौकरी पाने का दोषी पाते हुए आरोपी चितरंजन कश्यप को 3 वर्ष की सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई साथ ही अर्थदंड की राशि अदा न करने पर पृथक से कारावास का आदेश दिया।

ADB – PWD प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन, चक्काजाम

जिले में घटित एक अन्य मामले में सक्ती जिले के ओड़ेकेरा चौक सिंघीतराई में आज 8 गांवों के किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया , किसानों ने ADB – PWD प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतर गए और चक्काजाम कर दिया , किसानों का साफ तौर पर कहना था कि ADB व PWD के द्वारा सक्ती से टूँड्री सड़क का निर्माण किया गया है और हम लोगों का निजी जमीन में सड़क का निर्माण करने के 5 साल बीत जाने के बाद भी आज तक मुआवजा नहीं दिया गया जिस पर आक्रोश में आकर आज यह कदम उठाया गया डभरा एसडीएम व तहसीलदार के द्वारा काफी समझाइस के बाद लगभग 6 घण्टे बाद में चक्काजाम समाप्त हुआ।

समझाइस पर 6 घण्टे बाद में जाम समाप्त

डभरा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम ओड़ेकेरा चौक में आज किसानों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया ,दरअसल एडीबी व पीडब्ल्यूडी के द्वारा सड़क निर्माण किया जा रहा है ,मगर किसानों ने मुआवजे नहीं मिलने की बात को लेकर आज सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जमीन के मुआवजा नहीं मिलने से सैकड़ो किसानों के द्वारा ओड़ेकेरा चौक में मुख्य मार्ग को जाम दिया, जिसके चलते वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। (Sakti Fake Certificate Case) यहां के किसानों के द्वारा पिछले कई सालों से अपनी जमीन की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं फिर भी आज पर्यंत तक शासन प्रशासन और एडीबी परियोजना के द्वारा किसी भी तरह की किसानों की समस्या को हल नहीं करने पर किसानों ने आज आक्रोश में आकर चक्काजाम कर दिया , एसडीएम और तहसीलदार द्वारा समझाइस के बाद आखिरकार 6 घण्टे बाद में जाम समाप्त हुआ।

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Q1. आरोपी को कितनी सजा सुनाई गई?

आरोपी को तीन वर्ष की सश्रम कारावास और अर्थदंड।

Q2. आरोपी ने नौकरी कैसे हासिल की थी?

फर्जी अंकसूची और खेल प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त की।

Q3. किस न्यायालय ने यह फैसला सुनाया?

न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर ने फैसला सुनाया।