सात तिमाहियों के बाद बढ़ा छोटी राशि के कर्ज का वितरण : आरबीआई

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सात तिमाहियों के बाद बढ़ा छोटी राशि के कर्ज का वितरण : आरबीआई

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 08:18 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 08:18 PM IST

मुंबई, 30 जून (भाषा) सूक्ष्म कर्ज वितरण में लगातार सात तिमाहियों की गिरावट के बाद जनवरी-मार्च, 2026 तिमाही में पहली बार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान उधारकर्ताओं की संख्या में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंगलवार को जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि हालिया तिमाही में कर्जदारों की संख्या में 22.7 लाख की कमी आई है। यह दर्शाता है कि भले ही ऋण देने की गतिविधियों में तेजी आने लगी है, लेकिन इस क्षेत्र के ग्राहक आधार में अब भी एकीकरण का दौर जारी है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी लगातार सुधार हो रहा है। 31 से 180 दिन तक बकाया रहने वाले ऋण का अनुपात लगातार पांचवीं तिमाही में घटा है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्र में लागू किए गए नियामकीय सुरक्षा उपायों के बाद ऋण गुणवत्ता में सुधार आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सूक्ष्म वित्त क्षेत्र को ऋण देने वाले सभी प्रकार के कर्जदाताओं में बैंकों में 31 से 180 दिन तक बकाया रहने वाले ऋणों का अनुपात सबसे अधिक 2.5 प्रतिशत रहा। इसके बाद समग्र क्षेत्र और लघु वित्त बैंकों का यह अनुपात 2.0-2.0 प्रतिशत, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों- सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) का 1.9 प्रतिशत तथा अन्य एनबीएफसी का 1.6 प्रतिशत रहा।

आरबीआई ने एक अन्य सकारात्मक रुझान का उल्लेख करते हुए कहा कि उधारकर्ताओं पर ऋण का बोझ कम हुआ है। मार्च, 2026 तक तीन या उससे अधिक संस्थानों से ऋण लेने वाले उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी घटकर 9.7 प्रतिशत रह गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) तथा सूक्ष्म वित्त संस्थानों को ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे वित्तीय समावेशन और रोजगार सृजन को बल मिल रहा है।

भाषा योगेश अजय

अजय