नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार किए जाने वाले ‘डीपफेक’ पर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया मंचों ने भी अपनी ओर से डीपफेक सामग्री को हटाने के प्रयासों को काफी तेज कर दिया है।
सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैष्णव ने पत्रकारों से बातचीत में डीपफेक को समाज के लिए एक नया खतरा और अभिशाप बताया।
डीपफेक वह प्रौद्योगिकी है जिसके जरिये किसी व्यक्ति की फोटो, आवाज या वीडियो को डिजिटल माध्यम से बदलकर बिल्कुल असली जैसा दिखने वाला फर्जी रूप दे दिया जाता है।
मंत्री ने कहा, ‘डीपफेक के रूप में बहुत सारी सामग्री आने लगी है। एआई की दुनिया में हुए बदलावों के कारण सोशल मीडिया पर भारी मात्रा में डीपफेक आ रहे हैं। पूरी दुनिया और सोशल मीडिया मंचों ने खुद इन फर्जी वीडियो और तस्वीरों को हटाने के अपने प्रयासों को काफी बढ़ा दिया है।’
उन्होंने जानकारी दी कि सोशल मीडिया मंचों ने डीपफेक सामग्री को हटाने की अपनी कार्रवाई को लगभग दोगुना या तिगुना कर दिया है।
वैष्णव ने डीपफेक को समाज के लिए एक नया खतरा बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति, संस्थान और पूरे समाज के लिए इससे प्रभावी ढंग से निपटना बहुत महत्वपूर्ण है।
भाषा सुमित अजय
अजय