दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने तीन वर्ष से अधिक समय बाद की ब्याज दर में बढ़ोतरी

दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने तीन वर्ष से अधिक समय बाद की ब्याज दर में बढ़ोतरी

दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने तीन वर्ष से अधिक समय बाद की ब्याज दर में बढ़ोतरी
Modified Date: July 16, 2026 / 10:54 am IST
Published Date: July 16, 2026 10:54 am IST

सियोल, 16 जुलाई (एपी) दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बढ़ी मुद्रास्फीति पर काबू पाने और घरेलू कर्ज में वृद्धि की रफ्तार को धीमा करने के मकसद से तीन वर्ष से अधिक समय बाद बृहस्पतिवार को पहली बार अपनी प्रमुख ब्याज दर में बढ़ोतरी की।

मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बैंक ऑफ कोरिया ने अपनी नीतिगत रेपो दर को 2.5 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 2.75 प्रतिशत कर दिया। जनवरी, 2023 के बाद पहली बार ब्याज दर में वृद्धि की गई है।

बैंक ऑफ कोरिया के गवर्नर शिन ह्यून सोंग ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के सभी सात सदस्यों ने नीतिगत ब्याज दर बढ़ाने का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि, उपभोक्ता कीमतों और वित्तीय स्थिरता, तीनों पहलुओं को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।

केंद्रीय बैंक ने हाल के वर्षों में घरेलू कर्ज और रियल एस्टेट कीमतों में तेज बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं के बावजूद ब्याज दरों को स्थिर रखा था या उनमें कटौती की थी। उस समय उसकी प्राथमिकता भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए व्यापक शुल्कों के बीच व्यापार-निर्भर अर्थव्यवस्था को समर्थन देना थी।

अब नीति-निर्माताओं का मानना है कि कृत्रिम मेधा (एआई) पर वैश्विक खर्च में तेजी से सेमीकंडक्टर निर्यात बढ़ने के कारण अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में कर्ज लेने की लागत बढ़ाने की गुंजाइश है।

सरकार ने मंगलवार को वर्ष 2026 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर तीन प्रतिशत कर दिया, जो 2021 के बाद सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि दर होगी।

ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी, अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ युद्ध तथा दक्षिण कोरियाई वॉन (मुद्रा) की कमजोरी के कारण मई और जून दोनों महीनों में उपभोक्ता मूल्य आधारित मुद्रास्फीति तीन प्रतिशत से ऊपर रही। यह केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है।

विश्लेषकों का कहना है कि दक्षिण कोरियाई मुद्रा वॉन पर दबाव का कारण आयातित ऊर्जा और विदेशी पूंजी प्रवाह पर देश की निर्भरता है।

सियोल और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में रियल एस्टेट कीमतों में वृद्धि तथा प्रौद्योगिकी शेयरों में तेजी के कारण घरेलू कर्ज बढ़ने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

सेमीकंडक्टर निर्यात के दम पर आर्थिक वृद्धि के बावजूद रोजगार बाजार अब भी कमजोर बना हुआ है। विशेष रूप से विनिर्माण, रसायन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर पश्चिम एशिया युद्ध से जुड़ी बाधाओं का असर पड़ा है।

एपी निहारिका

निहारिका


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