पश्चिम एशिया संकट के बीच अगस्त में सोया खली निर्यात 83 प्रतिशत घटकर 25,000 टन पर
पश्चिम एशिया संकट के बीच अगस्त में सोया खली निर्यात 83 प्रतिशत घटकर 25,000 टन पर
इंदौर (मध्यप्रदेश), 16 सितंबर (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली की ऊंची कीमतें बरकरार रहने के कारण देश का सोया खली निर्यात अगस्त के दौरान करीब 83 प्रतिशत घटकर 25,000 टन रह गया।
प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने बुधवार को जारी अनुमान में यह जानकारी दी।
सोपा के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल अगस्त में देश से 1.50 लाख टन सोया खली का निर्यात किया गया था।
सोपा के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारतीय सोया खली के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में लंबे समय से अधिक बने हुए हैं।
पाठक ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संकट के कारण बाजार में अनिश्चितता बरकरार है। इस संकट के कारण कई देशों को सोया खली का निर्यात बाधित हुआ है और समुद्री माल ढुलाई के खर्च बढ़ गए हैं। इससे भारतीय सोया खली और महंगी हो गई है।’’
सोपा के अनुमान के मुताबिक, जारी तेल विपणन वर्ष 2025-26 में अक्टूबर से अगस्त तक भारत का कुल सोया खली निर्यात करीब 46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9.97 लाख टन रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 18.58 लाख टन था।
प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाला उत्पाद सोया खली कहलाता है। यह प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ ही पशु आहार तथा मुर्गियों एवं मछलियों का दाना भी तैयार किया जाता है।
भाषा हर्ष
राजकुमार अजय
अजय

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