संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रखें राज्य: बिजली मंत्रालय

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संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रखें राज्य: बिजली मंत्रालय

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 08:52 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 08:52 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) बिजली मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उन क्षेत्रों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का काम जारी रखने को कहा है, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (मीटर की स्थापना और संचालन) (संशोधन) विनियमन, 2026 के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में सभी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा तय समयसीमा के भीतर संबंधित भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जाए।

देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और विभिन्न राज्य योजनाओं के तहत किया जा रहा है। आरडीएसएस योजना की समयसीमा मार्च, 2028 है।

मंत्रालय ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना भुगतान प्रणाली (प्रीपेड या पोस्टपेड) से अलग एक वैधानिक व्यवस्था है। प्रीपेड और पोस्टपेड व्यवस्था केवल मीटर की कार्यप्रणाली से जुड़ी सुविधाएं हैं।

पत्र में कहा गया है कि स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक बिजली बिल मिलेंगे। साथ ही वे अपनी बिजली खपत की निगरानी भी कर सकेंगे।

मंत्रालय ने कहा कि स्मार्ट मीटर ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार करने और समय-आधारित बिजली शुल्क व्यवस्था यानी समय के अनुसार अलग-अलग बिजली दरें (टाइम ऑफ डे टैरिफ) का लाभ उठाने में मदद करेंगे। इससे उपभोक्ता बिजली की खपत को कम मांग वाले समय में स्थानांतरित कर सकेंगे और बिजली बिल घटाने में सहायता मिलेगी।

बिजली वितरण कंपनियों के लिए स्मार्ट मीटर से ऊर्जा लेखांकन बेहतर होगा और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।

उपभोक्ताओं को छोटी राशि में ‘रिचार्ज’ की सुविधा और वितरण कंपनियों को अग्रिम राजस्व प्राप्ति तथा कार्यशील पूंजी की जरूरत कम होने जैसे लाभ को देखते हुए आरडीएसएस के तहत स्मार्ट मीटर लगाने को प्रीपेड व्यवस्था के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा, “सभी उपभोक्ता श्रेणियों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को जारी रखें और इसमें तेजी लाएं, ताकि मौजूदा नियमों के अनुरूप उपभोक्ताओं और वितरण कंपनियों दोनों को स्मार्ट मीटर के लाभ मिल सकें।”

भाषा रमण अजय

अजय