चेन्नई, सात अगस्त (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा ने शुक्रवार को संविधान में निहित राजकोषीय संघवाद और सहकारी संघवाद के सिद्धांतों के अनुरूप केंद्र से राज्य को करों में न्यायसंगत हिस्सेदारी देने की मांग संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए जाने वाले करों में से तमिलनाडु को उचित हिस्सेदारी देने की मांग वाला प्रस्ताव सदन में पेश किया।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में तमिलनाडु के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए राजकोषीय संघवाद और सहकारी संघवाद संविधान के मूल सिद्धांत हैं।
प्रस्ताव में कहा गया कि प्रत्येक राज्य को उसके कर योगदान और विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्रीय करों में न्यायसंगत और समान हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि राजकोषीय संघवाद के सिद्धांत के अनुसार राज्यों को संविधान के तहत सौंपी गई जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए केंद्रीय करों का न्यायसंगत और समान बंटवारा आवश्यक है।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता थंगम थेनारासु ने प्रस्ताव में संशोधन पेश किया और इसका समर्थन किया।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित घोषित किया।
भाषा योगेश माधव
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