मुंबई, 28 नवंबर (भाषा) ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में 60,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी जिसका आधा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगाया जाएगा।
सिन्हा ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में यह जानकारी देते हुए कहा कि इस अवधि में कंपनी कोयला पर आधारित किसी नई संयंत्र को नहीं जोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि टाटा पावर वित्त वर्ष 2023-24 में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर करीब 20,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये और 2026-27 में 23,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
इस तरह अगले तीन वित्त वर्षों में टाटा पावर का कुल पूंजीगत व्यय 60,000 करोड़ रुपये से अधिक रहेगा।
सिन्हा ने कहा कि 13,000 करोड़ रुपये के निवेश से 2,800 मेगावाट की दो जल-विद्युत पंप भंडारण परियोजनाएं (पीएसपी) स्थापित करने की पिछली घोषणा के साथ ही कंपनी ने 9,000 मेगावाट क्षमता वाली ऐसी तीन अन्य परियोजनाएं भी चिह्नित की हैं। ये परियोजनाएं महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पोटलपली, कटालधारा और नेनावली में मौजूद हैं।
इसके साथ ही कंपनी ने भिवपुरी और शिरवटा स्थित दो पीएसपी से पैदा होने वाली बिजली के लिए कोई खरीदा समझौता नहीं किया है। उन्होंने इन परियोजनाओं को सौर और पवन ऊर्जा क्षमता से जोड़ने के भी संकेत दिए।
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