टीसीएस का लक्ष्य विश्व की सबसे बड़ी एआई प्रौद्योगिकी कंपनी बनना: सीईओ कृतिवासन

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टीसीएस का लक्ष्य विश्व की सबसे बड़ी एआई प्रौद्योगिकी कंपनी बनना: सीईओ कृतिवासन

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 01:13 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 01:13 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ और प्रबंध निदेशक के कृतिवासन ने कहा है कि टीसीएस का लक्ष्य विश्व की सबसे बड़ी एआई-आधारित प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी बनना है। कंपनी के शीर्ष 139 ग्राहकों में से 130 ने पहले ही इसे अपने एआई सेवा भागीदार के रूप में चुन लिया है।

कंपनी की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को लिखे पत्र में कृतिवासन ने कहा कि बीता वित्त वर्ष उद्यम एआई के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। ग्राहकों ने प्रायोगिक परियोजना से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर इसका उपयोग शुरू कर दिया।

उन्होंने लिखा, ‘‘एआई के कारण उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए, हमने विश्व की सबसे बड़ी एआई-आधारित प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी बनने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को साकार करने की हमारी रणनीति है कि हम बुनियादी ढांचे से लेकर ‘इंटेलिजेंस’ तक, एक पूर्ण-स्तरीय एआई सेवा प्रदाता बनें।’’

कृतिवासन ने कहा कि टीसीएस के शीर्ष 139 ग्राहकों में से 130 ने कंपनी को अपने एआई सेवा भागीदार के रूप में चुना है। ये वे कंपनियां हैं जिनका वार्षिक राजस्व पांच करोड़ डॉलर से अधिक है।

कृतिवासन के अनुसार इस व्यापक प्रौद्योगिकी बदलाव को समर्थन देने के लिए, टीसीएस ने अपने कर्मचारियों के कौशल को तेजी से बढ़ाया है। अब 2,70,000 से अधिक कर्मचारियों के पास उन्नत एआई कौशल हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है।

सीईओ ने वैश्विक उद्यम ग्राहकों के अलावा वित्त वर्ष के दौरान भारत में टीसीएस की राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं के क्रियान्वयन का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “हमने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) को दुनिया के सबसे बड़े सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस में बदल दिया है, जिसमें पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद हुई है। हमने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के योनो 2.0 को 10 भाषाओं में 20 करोड़ उपयोगकर्ताओं को सेवा देने के लिए उन्नत किया है। हमने ई-पासपोर्ट (एक करोड़ से अधिक जारी किए गए) जैसी नागरिक सेवाओं का आधुनिकीकरण भी किया और आरबीआई की नई डेटा प्रबंधन प्रणाली का निर्माण किया, जिसे सटीक आर्थिक विश्लेषण के लिए 250 टेराबाइट (टीबी) डेटा को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।”

कृत्रिम मेधा (एआई) परिवेश के लिए कंपनी की ‘निर्माण-भागीदारी…अधिग्रहण (बिल्ड-पार्टनर-एक्वायर) रणनीति की रूपरेखा बताते हुए, कृतिवासन ने हाल ही में अमेरिका स्थित लिस्टएंगेज और कोस्टल क्लाउड के अधिग्रहण का उल्लेख किया। ये अधिग्रहण टीसीएस को शीर्ष पांच वैश्विक ‘सेल्सफोर्स कंसल्टेंट्स’ में स्थान दिया है।

एक ‘सेल्सफोर्स कंसल्टेंट’ व्यावसायिक आवश्यकताओं और तकनीकी समाधानों के बीच एक सेतु का काम करता है।

उन्होंने टीपीजी के साथ साझेदारी में टीसीएस के एआई बुनियादी ढांचा कारोबार ‘हाइपरवॉल्ट की शुरुआत का भी उल्लेख किया। इसकी भारत में एआई कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक गीगावाट क्षमता के डेटा स्थापित करने की योजना है।

भाषा रमण

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