नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सभी राज्यों के विकसित हुए बिना देश ‘विकसित भारत’ नहीं बन सकता। साथ ही, उन्होंने निवेश आकर्षित करने के लिए कारोबार सुगमता और शिकायतों के तेजी से निपटान की जरूरत बतायी।
प्रधानमंत्री ने ये बातें राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की शाषी परिषद की 11वीं की बैठक में कहीं।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने दिन भर चली इस बैठक के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें हिस्सा लिया और चर्चा मुख्य रूप से ‘समावेशी मानव विकास रूपरेखा’ पर केंद्रित रही।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों ने ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बात की, जिसमें छतों पर लगने वाली सौर प्रणाली भी शामिल थी।
नीति आयोग के एक सदस्य ने बताया कि मोदी ने राज्यों से जिला स्तर पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का आकलन करने को भी कहा, ताकि सूक्ष्म स्तर पर विकास और वृद्धि का पता लगाया जा सके।
एक सवाल के जवाब में लाहिड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और शाषी परिषद के अन्य सदस्यों को इस बात की जानकारी है कि भारत को नियोजित शहरीकरण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए किसी विशेष सहायता की मांग नहीं की।
एक अन्य सवाल के जवाब में लाहिड़ी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।
भाषा रमण अजय
अजय