PF Interest New Rule: क्या नौकरी छोड़ते ही बंद हो जाता है PF का ब्याज? लाखों कर्मचारियों को नहीं पता EPFO का यह नियम, जिन्हें जानना है बेहद जरूरी

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PF Interest New Rule: नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद EPF खाते पर ब्याज तुरंत बंद नहीं होता। EPFO के नियमों के अनुसार कुछ समय तक जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। लेकिन जब खाता इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) हो जाता है तो उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 02:19 PM IST

(PF Interest New Rule/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • नौकरी छोड़ते ही EPF का ब्याज बंद नहीं होता।
  • रिटायरमेंट के बाद 36 महीने तक मिल सकता है ब्याज।
  • इनऑपरेटिव खाते पर आगे ब्याज नहीं जुड़ता।

नई दिल्ली: PF Interest New Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कई सदस्य यह मानते हैं कि नौकरी छोड़ने यौ रिटायरमेंट के बाद उनके EPF खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। EPFO के नियमों के (PF Interest New Rule) अनुसार केवल नौकरी छूटने या खाते में नया योगदान बंद होने से ब्याज नहीं रुकता। खाते में जमा राशि पर तय नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है। हालांकि, एक निश्चित समय के बाद खाता निष्क्रिय होने पर ब्याज बंद हो सकता है।

बेरोजगारी या करियर ब्रेक में भी मिलता है लाभ

अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, कुछ समय के लिए बेरोजगार रहता है या करियर ब्रेक लेता है तब भी उसके EPF खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है। भले ही खाते में नया योगदान न आए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ब्याज रुक जाएगा। इसलिए नौकरी बदलने या कुछ समय तक नई नौकरी न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। नियमों के तहत ( (PF Interest New Rule) उनका EPF बैलेंस ब्याज अर्जित करता रहता है।

रिटायरमेंट के बाद कब बंद होता है ब्याज?

EPFO के नियमों (PF Interest New Rule) के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र में रिटायर होता है तो उसका EPF खाता रिटायरमेंट की तारीख से अगले 36 महीने यानी तीन साल तक सक्रिय माना जाता है। इस दौरान खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। लेकिन यदि इस अवधि के भीतर पैसा नहीं निकाला जाता या खाते का निपटान नहीं किया जाता तो खाता इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) हो जाता है। इसके बाद उस खाते पर आगे ब्याज नहीं जोड़ा जाता।

क्या होता है इनऑपरेटिव EPF अकाउंट?

इनऑपरेटिव अकाउंट वह होता है जिसमें लंबे समय तक कोई लेनदेन या क्लेम नहीं किया जाता। ऐसे खाते पर EPFO ब्याज देना बंद कर देता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खाते में जमा आपकी रकम खत्म हो जाती है। मूल राशि सुरक्षित रहती है और सदस्य बाद में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पैसा निकाल सकता है।

EPF खाते का सही तरीके से करें प्रबंधन

विशेषज्ञों की सलाह है कि नौकरी बदलने पर पुराने EPF खाते को UAN के जरिए नए नियोक्ता के खाते से जोड़कर ट्रांसफर कर देना चाहिए। वहीं, रिटायरमेंट के बाद भी खाते की स्थिति की नियमित जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर समय पर क्लेम करना चाहिए। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई करने से ब्याज का लाभ बना रहता है और रिटायरमेंट की बचत का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

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क्या नौकरी छोड़ने के बाद EPF पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है?

नहीं। नौकरी छोड़ने के बाद भी EPFO के नियमों के अनुसार खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है।

रिटायरमेंट के बाद EPF पर ब्याज कब तक मिलता है?

यदि कर्मचारी 55 वर्ष या उसके बाद रिटायर होता है, तो रिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने (3 साल) तक ब्याज मिलता रहता है।

इनऑपरेटिव EPF अकाउंट क्या होता है?

ऐसा EPF खाता जिसमें लंबे समय तक कोई क्लेम या लेनदेन नहीं होता, उसे इनऑपरेटिव अकाउंट कहा जाता है।

इनऑपरेटिव होने के बाद EPF खाते का क्या होता है?

खाते में जमा मूल राशि सुरक्षित रहती है, लेकिन इनऑपरेटिव होने के बाद उस पर नया ब्याज नहीं मिलता।