मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे टूटकर 95.74 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि सरकारी बैंकों के जरिये भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लगातार हस्तक्षेप से रुपये की गिरावट को अधिक बढ़ने से रोकने में मदद मिली। इससे एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और ईरान को लेकर फिर बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रुपया सीमित दायरे में रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.74 प्रति डॉलर पर खुला जो पिछले बंद भाव से चार पैसे की गिरावट है।
रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.70 पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत चढ़कर 99.04 पर रहा।
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों में बढ़ोतरी के बाद सुरक्षित निवेश की मांग से डॉलर को समर्थन मिला, हालांकि अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद की उम्मीदों के कारण उस पर अब भी दबाव है।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 30 अंक टूटकर 77,336.32 अंक पर जबकि निफ्टी 38.80 अंक की गिरावट के साथ 24,179.50 अंक पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 0.30 प्रतिशत बढ़कर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 1,181.66 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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