लखनऊ, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि राज्य मजबूत और समावेशी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत बदल रहा है और स्टार्टअप आज के समय की आवश्यकता हैं।
जन भवन से जारी एक बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा युवाओं को नए विचारों के साथ उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ में ‘उप्र स्टार्टअप संवाद 3.0’ का आयोजन किया गया।
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन विचार से अवसर तक, नवाचार से निवेश तक और प्रतिभा से उपलब्धि तक की यात्रा को गति देने का एक प्रयास है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज का भारत बदल रहा है और स्टार्टअप आज के समय की आवश्यकता है। आज का युवा समस्या को पहचानता है, समाधान खोजता है और अवसर का निर्माण करता है। हमारे युवाओं के पास प्रतिभा, तकनीक, ऊर्जा और नए विचार हैं। आवश्यकता केवल स्वयं पर विश्वास की है।’’
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने विचार को छोटा न समझें। कभी-कभी बहुत बड़ा परिवर्तन किसी बहुत छोटे विचार से शुरू होता है। प्रश्न यह नहीं है कि आपका विचार कितना बड़ा है, बल्कि यह है कि आपके विचार से कितनी बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप का अर्थ केवल कंपनी बनाना नहीं है। स्टार्टअप का वास्तविक अर्थ समस्या को पहचानना, समाधान खोजना, समाधान को परखना, उसे बड़े स्तर पर पहुंचाना और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
उन्होंने कहा कि नवाचार को केवल तकनीक तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी नवोन्मेषण की आवश्यकता है। जहां समस्या है, वहीं नवोन्मेषण की संभावना है।
राज्यपाल ने युवाओं को अपने विचार की बौद्धिक संपदा की रक्षा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पेटेंट और बौद्धिक संपदा को अपनी नवोन्मेषण की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज कलाम पेटेंट केंद्र का लोकार्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विचार की अपनी शक्ति होती है, लेकिन जब विचार सुरक्षित होता है, उसका व्यावसायिक उपयोग होता है और वह समाज तक पहुंचता है, तब उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने विचार को इतना मजबूत बनाएं कि निवेशक उनके विचार को खोजते हुए उनके पास आएं। विचार से नवाचार जन्म लेता है। प्रयोग करें, सीखें, फिर प्रयोग करें और आगे बढ़ते रहें।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पांडे ने विश्वविद्यालय द्वारा स्टार्टअप एवं नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों और पहल की जानकारी दी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग सेल्वा कुमारी, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड हिमांशु कौशिक, विभिन्न संस्थाओं के निदेशक, शिक्षक, नवप्रवर्तक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, इनक्यूबेशन सेंटर के प्रमुख, अधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे।
भाषा आनन्द पारुल अजय
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