मुंबई, आठ सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए सरकारी, अर्ध-सरकारी और अन्य नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण देने वाली संशोधित नीति को मंजूरी दे दी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह नीति खेल कोटे से संबंधित सभी पिछली सरकारी प्रस्तावों का स्थान लेगी।
खेल विभाग संभाल रहीं पवार ने कहा कि संशोधित नीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 30 अप्रैल, 2005 को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से खिलाड़ियों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की थी और समय-समय पर इस नीति में बदलाव किए जाते रहे हैं।
खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाने के लिए बाद में कई कदम उठाए गए।
पवार ने बताया कि इसी उद्देश्य से सरकार ने ‘क्रीड़ा ई-प्रमाण’ प्रणाली विकसित की है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खेल विधेयक, 2025 के लागू होने और राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) के गठन के बाद, एनएसबी से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं को खेल कोटे के लिए मान्य माना जाएगा।
पवार ने बताया कि राज्य सरकार ने नौ जुलाई, 2024 को सीधी भर्ती नीति को भी अंतिम रूप दिया था, जिसके तहत केवल ओलंपिक खेलों में शामिल खेलों को ही मान्यता दी गई थी।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य से ओलंपिक पदक विजेता तैयार करने के उद्देश्य से ‘मिशन लक्ष्यवेध’ योजना भी लागू की है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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