मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाएं खिलौना उद्योग: गोयल

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मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाएं खिलौना उद्योग: गोयल

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 06:35 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 06:35 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को घरेलू खिलौना उद्योग से कहा कि वे विभिन्न देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाएं, टिकाऊ विनिर्माण के तौर-तरीके अपनाएं और अगले छह साल में वैश्विक खिलौना बाजार में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखें।

गोयल ने यहां 17वीं ‘टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए उद्योग जगत को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य मुश्किल नहीं है और उद्योग को वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाने के लिए गुणवत्ता और आधुनिक विनिर्माण के तरीकों पर ध्यान देना चाहिए।

वैश्विक खिलौना उद्योग लगभग 120 अरब डॉलर का होने का अनुमान है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 0.3 प्रतिशत है। भारत का घरेलू खिलौना बाजार लगभग 18,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें आयातित खिलौनों की हिस्सेदारी केवल 2,500-3,000 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा, ‘‘पांच प्रतिशत का लक्ष्य मुश्किल नहीं है, हम इसे हासिल कर सकते हैं। इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।’’

गोयल ने यह भी कहा कि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते इस क्षेत्र के लिए निर्यात का एक बड़ा बाजार खोलेंगे।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उद्योग आने वाले वर्षों में अपने निर्यात को दस गुना बढ़ाए। वर्ष 2024 में भारत का खिलौना निर्यात 34 करोड़ डॉलर रहा था।

मंत्री ने उद्योग को भरोसा दिलाया कि सरकार देश भर में खिलौना बनाने वाले संकुल में आधुनिक परीक्षण सुविधाएं स्थापित करेगी। यह काम भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), राष्ट्रीय परीक्षण शाला और अन्य सरकारी तथा अर्द्ध-सरकारी परीक्षण सुविधाओं के जरिए किया जाएगा।

गोयल ने विभिन्न देशों के साथ अंतिम रूप दिये गये नौ मुक्त व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समझौतों से विकसित और उच्च आय वाले बाजारों तक पहुंच मिलती है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को बेहतर मूल्य मिल सकता है।

गोयल ने विनिर्माताओं से कहा कि वे दुनिया भर में, खासकर भारत के नौ एफटीए ​​में शामिल 38 देशों में व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजें।

उन्होंने खिलौने बनाने में इस्तेमाल होने वाले मोटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डाइज और मोल्ड्स के उत्पादन में घरेलू क्षमताएं विकसित करने की भी बात कही।

गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भर परिवेश और बड़े पैमाने पर उत्पादन से प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और लागत कम होगी।

मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को यह भी बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों, मेक्सिको, ब्राजील और कनाडा के साथ एफटीए ​​में इस साल के अंत तक प्रगति होने की उम्मीद है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए और मौके खुलेंगे।

गोयल ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के मुद्दे पर गुणवत्ता मानक बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उद्योग को अनुचित आयात और डंपिंग से सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहे विनिर्माता समय पर मदद और समर्थन के लिए व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर), उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

‘टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में 400 से अधिक ‘मेड-इन-इंडिया’ खिलौना ब्रांड, 15,000 से ज्यादा व्यापारी, 50 से अधिक देशों के प्रतिभागी और खिलौना विनिर्माण परिवेश से जुड़े पक्ष शामिल हुए हैं।

भाषा रमण योगेश

योगेश