ट्राई ने फर्जी कॉल, संदेश पर अंकुश न लगा पाने के चलते दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाया

ट्राई ने फर्जी कॉल, संदेश पर अंकुश न लगा पाने के चलते दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाया

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 07:21 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 07:21 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई ने फर्जी कॉल और संदेशों को रोकने में विफल रहने के कारण दूरसंचार परिचालकों पर 150 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी।

वर्ष 2020 से शुरू होने वाले तीन वर्षों के लिए लगाए गए इस जुर्माने को दूरसंचार परिचालकों ने चुनौती दी है।

सूत्र ने बताया कि ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करने और फर्जी कॉल करने वाले दूरसंचार कनेक्शनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं करने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर 150 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) उन दूरसंचार परिचालकों पर जुर्माना लगाता है, जो वित्तीय दंड से जुड़े नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं। ये नियम एक दूरसंचार परिचालक के लिए प्रत्येक लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र में प्रति माह 50 लाख रुपये तक के वित्तीय दंड का प्रावधान करते हैं।

यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर वित्तीय दंड इसलिए नहीं लगाया जाता है कि किसी ने उनके नेटवर्क के माध्यम से स्पैम भेजा है, बल्कि इसलिए लगाया जाता है क्योंकि वे नियमों के अनुसार स्पैमर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहते हैं।

सूत्र के अनुसार स्पैम को नियंत्रित करने के लिए उपभोक्ता शिकायतों पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, लेकिन ट्राई ने पाया कि कई मामलों में सेवा प्रदाताओं ने ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया।

ट्राई ने पिछले एक साल में 21 लाख से अधिक ‘स्पैमर्स’ के कनेक्शन काट दिए हैं और एक लाख से अधिक संस्थाओं को काली सूची में डाल दिया है।

नियामक ने एक डीएनडी ऐप पेश किया है, जो उपयोगकर्ताओं को केवल 4-6 क्लिक में शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। सूत्र ने बताया कि जहां पंजीकृत दूरसंचार विपणनकर्ता सख्त नियमों के अधीन हैं, वहीं अब ज्यादातर स्पैम 10 अंकों के मोबाइल नंबरों से अपंजीकृत व्यक्ति भेजते हैं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण