उत्तराखंड में बंद पड़े दो दवा संयंत्र चालू होंगे, 100 करोड़ के वार्षिक कारोबार का लक्ष्य

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उत्तराखंड में बंद पड़े दो दवा संयंत्र चालू होंगे, 100 करोड़ के वार्षिक कारोबार का लक्ष्य

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 08:06 PM IST

देहरादून, दो जून (भाषा) उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) ने लंबे समय से बंद दो औद्योगिक इकाइयों को चालू करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इन संयंत्रों से 100 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार का लक्ष्य रखा गया है ।

कार्ययोजना के तहत दोनों संयंत्रों…रानीखेत स्थित को-ऑपरेटिव ड्रग फैक्ट्री (सीडीएफ) और हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड स्टेट मेडिसिन एंड पैरामेडिकल्स लिमिटेड (यूएमपीएल) में आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और उत्पादन प्रणाली स्थापित कर आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण शुरू किया जाएगा।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के उद्देश्य से वर्षों से बंद पड़ी सहकारी औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है ।

उन्होंने बताया कि दोनों इकाइयों में नवीनीकरण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना तथा गुणवत्ता आधारित उत्पादन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे उत्तराखंड को आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

रावत ने बताया कि दोनों इकाइयों में चूर्ण, वटी, रस, भस्म, तैल, आसव-अरिष्ट, गुग्गुल तथा पाक-अवलेह जैसी पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण किया जाएगा । प्रमुख उत्पादों में महाशंख वटी, आरोग्यवर्धिनी वटी, त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, अर्जुनारिष्ट, दशमूलारिष्ट, महानारायण तैल एवं अभ्रक भस्म शामिल रहेंगे ।

उन्होंने बताया कि दोनों इकाइयों के पूर्ण संचालन से स्थानीय स्तर पर रानीखेत, हल्दूचौड़ और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए 200 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले 500 से 1000 किसान भी सीधे इन इकाइयों से जुड़ेंगे।

मंत्री ने कहा कि कच्चे माल की आपूर्ति, परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार एवं आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि दोनों इकाइयों के पूर्ण क्षमता से संचालन के बाद लगभग 100 करोड़ रुपये वार्षिक कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे प्रतिवर्ष 10 से 15 करोड़ रुपये तक लाभ अर्जित होने की संभावना है ।

भाषा दीप्ति राजकुमार रमण

रमण