टाटा संस की अगले सप्ताह प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक को लेकर अनिश्चितता

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टाटा संस की अगले सप्ताह प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक को लेकर अनिश्चितता

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 01:39 PM IST

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) टाटा संस की 18 अगस्त को प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के निर्धारित समय पर होने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की प्रमुख शेयरधारक सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) महाराष्ट्र के चैरिटी आयुक्त की ओर से लगाए गए नियामकीय प्रतिबंध के कारण एजीएम के लिए अपना प्रतिनिधि नामित नहीं कर सकी है।

इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के निदेशक पद से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।

चंद्रशेखरन ने फरवरी में अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक और कार्यकाल के लिए नामांकन नहीं कराने का फैसला किया है।

लोगों ने बताया कि टाटा संस ने अब तक शेयरधारकों को एजीएम की तारीख में किसी बदलाव की सूचना नहीं दी है।

हालांकि, मौजूदा संकेतों के अनुसार कंपनी बैठक आयोजित करने की कोशिश करेगी और आवश्यक कोरम पूरा नहीं होने की स्थिति में इसे स्थगित किया जा सकता है।

मामला एसआरटीटी की 23.56 प्रतिशत हिस्सेदारी से जुड़ा है। ट्रस्ट मई में महाराष्ट्र के चैरिटी आयुक्त के एक आदेश के बाद अपने निदेशक मंडल की बैठक नहीं कर पा रहा है। इस आदेश में ट्रस्ट के बोर्ड के गठन को लेकर जांच लंबित रहने तक प्रस्तावित बैठक स्थगित करने को कहा गया था।

एसडीटीटी की टाटा संस में 27.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

टाटा संस के अनुच्छेद 86 के अनुसार, एजीएम में कम से कम पांच सदस्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है। इसमें एसआरटीटी और एसडीटीटी द्वारा संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि भी शामिल है, बशर्ते दोनों ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इन दोनों ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 66 प्रतिशत है।

टाटा संस में शापूरजी पालोनजी परिवार की करीब 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

मामले से सीधे परिचित एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘आज की स्थिति में उनके (एसआरटीटी) पास ट्रस्ट के निदेशक मंडल की बैठक करने के लिए चैरिटी आयुक्त से अनुमति नहीं है। अगर एसआरटीटी बोर्ड बैठक नहीं कर सकता, तो वह एजीएम में भाग लेने के लिए संयुक्त रूप से प्रतिनिधि नामित नहीं कर सकता। यह कोरम के लिए जरूरी है।’’

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय