UP Deoria Diesel Jabt Latest News || Image- Social Media File
देवरिया: मिडिल ईस्ट संकट के बीच देश में ईंधन आपूर्ति डगमगाता हुआ दिखाई पड़ रहा है। एलपीजी की कमी के ख़बरों के बीच दावा किया जा रहा है कि, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फ्यूल स्टेशन के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सभी के हाथों में बड़े डिब्बे है और किसी भी तरह की आशंका से पहले वह अपने जरूरत का ईंधन जमा कर लेना चाहते है। हालांकि पुलिस की नजर ऐसे जमाखोरों की तरफ घूम गई है। (UP Deoria Diesel Jabt Latest News) एलपीजी के तरह ही पेट्रोलियम की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने पुलिस की टीम स्पेशल टीम का गठन कर लगातार छापेमारी कर रही है। दूसरी तरह केंद्र और राज्य की सरकारों के साथ ही तेल कंपनियां लगातार दावा कर रही है कि, देश और राज्य में ईंधन की पर्याप्त मात्रा मौजूद है।
बहरहाल इस बीच उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ देवरिया जिले में पुलिस और प्रशासन ने एक मकान पर छापेमारी कर अलग अलग ड्रम में जमा किये गये अवैध डीजल को जब्त कर लिया है। प्रशासन का दावा है कि, डीजल की मात्रा करीब 3600 लीटर है। पुलिस ने जमाखोर को हिरासत में लेते हुए अवैध डीजल को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
UP’s Deoria administration seizes 3,600 litres of illegal diesel seized from two houses amid fuel crisis rumours. pic.twitter.com/BZ37vj3K1E
— News Arena India (@NewsArenaIndia) March 28, 2026
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बांग्लादेश में ऊर्जा संकट के बीच भारत ने अतिरिक्त 5,000 टन डीजल की आपूर्ति की है। (UP Deoria Diesel Jabt Latest News) बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद मुर्शेद हुसैन आजाद ने शुक्रवार रात एएनआई से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत से अब तक बांग्लादेश को कुल 15,000 टन डीजल मिल चुका है। इसके अलावा, 28 मार्च को और 6,000 टन डीजल भेजा जाएगा। अप्रैल महीने में भारत बांग्लादेश को दिया है, जिसे बांग्लादेश ने स्वीकार कर लिया है।
यह डीजल असम के नुमालिगढ़ रिफाइनरी से इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश के पारबतिपुर डिपो तक पहुंचाया जाता है। यह पाइपलाइन 2024 में शेख हसीना के खिलाफ बड़े आंदोलन के कारण बंद हुई थी, (UP Deoria Diesel Jabt Latest News) लेकिन फरवरी में हुई आम चुनाव के बाद नई सरकार ने इसे फिर से शुरू कर दिया।
बांग्लादेश में डीजल की सालाना मांग 40 लाख टन है, जिसे पूरा विदेश से आयात के जरिए ही किया जाता है। देश के पूर्वी रिफाइनरी में आधे लाख टन कच्चा तेल रिफाइन किया जाता है और बाकी डीजल सीधे आयात किया जाता है। बांग्लादेश मुख्य रूप से डीजल भारत, सिंगापुर और मध्य पूर्व से आयात करता है। भारत की यह सहायता बांग्लादेश के ऊर्जा संकट को कम करने में मददगार साबित हो रही है।
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