उप्र विधानमंडल में 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित

उप्र विधानमंडल में 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित

उप्र विधानमंडल में 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
Modified Date: August 5, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: August 5, 2026 7:15 pm IST

लखनऊ, पांच अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट बहुमत से पारित हो गया और सदन निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

विधानसभा में बुधवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों के हंगामे के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदस्यों के बहुमत से पारित हो गया। विधान सभा के बाद विधान परिषद में भी अनुपूरक बजट से संबंधित उत्तर प्रदेश विनियोग (2026-2027 का अनुपूरक) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित किया गया।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने पर सदन के बाहर कहा कि सपा के व्यवहार के कारण राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए अनुपूरक बजट में प्रस्तावित कल्याणकारी उपायों पर चर्चा मौका नहीं मिल पाया।

इसके पहले उप्र सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बुधवार को सपा सदस्यों द्वारा राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा कराने समेत अन्य मांगों को लेकर हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन में प्रस्ताव रखा कि उप्र विनियोग 2026-27 का अनुपूरक विधेयक पारित किया जाए।

अधिष्‍ठाता मनीष असीजा ने प्रस्ताव के पक्ष में सदस्यों के बहुमत होने का हवाला देते हुए इसे पारित करने की घोषणा की। दोपहर एक बजे के बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही समाजवादी पार्टी के सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच जारी रही और अनुपूरक बजट पारित होने के तुरंत बाद ही खन्‍ना ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। असीजा ने स्थगन के पक्ष में सदस्‍यों की संख्‍या अधिक होने से अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित करने की घोषणा की।

विधान परिषद में बुधवार को अनुपूरक बजट विधेयक के अलावा उप्र लोकसेवा (अधिकरण) (संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026, रजिस्ट्रेशन (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय विधेयक, 2026, भारतीय स्टाम्प (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश दण्ड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक, 2026, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 विधेयक समेत कुल 12 विधेयक ध्‍वनि मत से पारित किये गये।

विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने सदन के संचालन में सदस्‍यों को सहयोग देने के लिए सभी को धन्यवाद देते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित करने की घोषणा की।

विधानमंडल की कार्यवाही छह अगस्त तक के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन सपा के हंगामे के चलते एक दिन पूर्व ही स्थगित होने के तुरंत बाद सदन से बाहर पत्रकारों से बात करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट लेकर आई थी और इसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाओं के साथ-साथ आधारभूत विकास और अन्य जन-कल्याणकारी पहलों के लिए भी प्रावधान किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में रोजगार पैदा करने, कौशल विकास कार्यक्रम, किसानों के लिए नई योजनाओं, गरीबों के लिए कल्याणकारी पहलों और महिलाओं की गरिमा व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले उपायों के लिए प्रावधान शामिल थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी ने सदन में इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी का व्यवहार युवा-विरोधी, किसान-विरोधी, महिला-विरोधी और गरीब-विरोधी है।’

वित्‍त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने मंगलवार को सपा सदस्यों के भारी शोर शराबे, हंगामा और वेल (अध्यक्ष के आसन के सामने आकर) में नारेबाजी के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था।

उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगों को सदन के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा था कि प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार 59019.54 करोड़ रुपये है। इसमें राजस्व लेखे का व्यय 17399.50 करोड़ रुपये तथा पूंजी लेखे का व्यय 41620.04 करोड़ रुपये है। खन्ना ने कहा कि प्रस्तावित अनुपूरक मांगों में नई मांगों के तहत 7,854.25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।

भाषा आनन्द पारुल पाण्डेय

पाण्डेय


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