UPI Transaction Charges New Rules: अब 2000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर देना होगा चार्ज! संसद में पेश हुआ प्रस्ताव, जानिए कितने पैसे देने होंगे एक्सट्रा / Image: AI Generated
नई दिल्ली: UPI Transaction Charges New Rules भारत की डिजिटल लेन-देन की प्रणाली यूपीआई का दुनियाभर में डंका बज रहा है। दुनिया के कई देशों ने यूपीआई अपनाया है और इसी के माध्यम से लेन देन हो रहा है। लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि भारत सरकार यूपीआई सूजर्स को झटका देने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि भारत सरकार जल्द ही यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने की अनुमति दे सकती है। हालांकि ये चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा।
UPI Transaction Charges New Rules वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
आधिकारिक अनुमान के अनुसार, 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ पांच फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29.9 लाख करोड़ रही। एक अधिकारी ने कहा कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।
गौरतलब है कि यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा। आने वाले समय में सरकार का अंतिम फैसला इस पूरे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की दिशा तय कर सकता है।