नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के नेतृत्व वाले संयुक्त उपक्रम द्वारा बनाई जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रारूप एक वर्ष के भीतर परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा।
आरवीएनएल के 21वें स्थापना दिवस समारोह में अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका प्रारूप एक वर्ष के भीतर परीक्षण के लिए पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद कंपनी को 120 ट्रेन की आपूर्ति करनी होगी।
हालांकि सतीश कुमार ने कोई निश्चित समय नहीं बताया, लेकिन आरवीएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने हाल ही में कहा था कि यह प्रारूप जून 2026 में पेश किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, काम तेज गति से जारी है, लेकिन जून 2026 तक परीक्षण संभव नहीं लग रहा है और इसमें अगले वर्ष तक देरी हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जोड़ी को कामाख्या और हावड़ा के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अन्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संचालन को लेकर कई तरह की अटकलें हैं, लेकिन इस संबंध में रेल मंत्रालय ने अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
भाषा योगेश पाण्डेय
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