नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, हवाई सेवाओं में व्यवधान और विदेश यात्रा की बढ़ती लागत के बीच संपन्न भारतीय परिवार इन गर्मियों में विदेशी गंतव्यों के बजाय छुट्टियां बिताने के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते लक्जरी होटल उद्योग की बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आईटीसी होटल्स, रेडिसन होटल ग्रुप और द लीला पैलेसेस, होटल्स एंड रिजॉर्ट्स जैसे प्रमुख होटल समूहों ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान घरेलू पर्यटन स्थलों पर बुकिंग में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है।
द लीला पैलेसेस, होटल्स एंड रिजॉर्ट्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुराग भटनागर ने कहा कि संपन्न भारतीय यात्रियों की विदेश यात्रा में दीर्घकालिक रुचि बनी हुई है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता, उड़ानों में व्यवधान और बढ़े हुए यात्रा खर्च के कारण कई लोग देश के भीतर उपलब्ध उच्चस्तरीय पर्यटन विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
आईटीसी होटल्स के प्रबंध निदेशक अनिल चड्ढा ने कहा कि कंपनी के विभिन्न अवकाश स्थलों पर बुकिंग का रुझान उत्साहजनक बना हुआ है और कई गंतव्यों में मांग पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि हाल की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने कुछ यात्रियों को अपनी विदेश यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करने और घरेलू पर्यटन स्थलों को चुनने के लिए प्रेरित किया है।
रेडिसन होटल ग्रुप, दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) निखिल शर्मा ने बताया कि कंपनी के भारत स्थित होटलों में इस वर्ष गर्मियों के दौरान कुल कमरों की बुकिंग का स्तर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि अवकाश स्थलों पर औसत कमरों की बुकिंग दर करीब 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि सप्ताहांत के दिनों में मांग और भी अधिक मजबूत रहती है।
शर्मा के अनुसार, पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में जारी तनाव और यात्रा संबंधी व्यवधानों का अंतरराष्ट्रीय धारणा पर कुछ प्रभाव पड़ा है, जिसके कारण यात्रियों का एक वर्ग घरेलू पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहा है। लोग अब घर के निकट उच्च गुणवत्ता वाले और यादगार अनुभवों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रेडिसन के लिए सबसे तेज वृद्धि उन भारतीय पर्यटन स्थलों से आ रही है जो या तो गर्मी से राहत प्रदान करते हैं या फिर सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अनुभवों के लिए प्रसिद्ध हैं।
शर्मा ने कहा कि इस गर्मी में पहाड़ी और धार्मिक पर्यटन स्थलों की मांग सबसे अधिक रही है। कंपनी के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित होटलों ने पिछले वर्ष की तुलना में 69 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जबकि धार्मिक स्थलों पर स्थित संपत्तियों में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि यात्री अब ऐसे अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें विश्राम, संस्कृति, स्वास्थ्य-संबंधी गतिविधियां और सार्थक जुड़ाव का समावेश हो।
रेडिसन नेटवर्क में जम्मू-कश्मीर, मनाली, मसूरी, उदयपुर और अयोध्या जैसे गंतव्य सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थलों के रूप में उभरे हैं। इसके अलावा गोवा तथा दक्षिण भारत के तटीय पर्यटन केंद्रों में भी पर्यटकों की मांग मजबूत बनी हुई है।
आईटीसी होटल्स के लिए मांग में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में अच्छी वृद्धि हुई है। इसकी वजह यह है कि लोग अब कम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाना पसंद कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि इसका लाभ प्रयागराज, कटरा, अमृतसर और भुवनेश्वर जैसे गंतव्यों को मिल रहा है।
भाषा अजय अजय
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