वेदांता ने जेएएल के लिए अदाणी की बोली को मंजूरी मिलने के मापदंडों पर उठाए सवाल

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वेदांता ने जेएएल के लिए अदाणी की बोली को मंजूरी मिलने के मापदंडों पर उठाए सवाल

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  • Publish Date - April 10, 2026 / 06:16 PM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 06:16 PM IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता समूह ने शुक्रवार को जयप्रकाश एसोसिएट्स लि. (जेएएल) के कर्जदाताओं द्वारा अपनाए गए बोली मूल्यांकन मापदंडों पर सवाल उठाए। कर्जदाताओं ने इस कर्ज में डूबी कंपनी के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की कम मूल्य वाली बोली को चुना था।

दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी में सुनवाई के दौरान वेदांता लिमिटेड के वकील ने कहा कि ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने व्यावसायिक बुद्धिमत्ता को खत्म करने के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिन्हा ने मूल्यांकन मानकों की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या इसका उपयोग मूल्य को अधिकतम करने के लिए किया गया था या किसी अन्य उद्देश्य के लिए। उन्होंने दलील दी कि वेदांता की बोली अदाणी समूह की तुलना में कुल मूल्य में 3,400 करोड़ रुपये और शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) में 500 करोड़ रुपये अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीओसी की बैठक में कम बोली चुनने पर कोई चर्चा नहीं हुई।

वेदांता के वकील ने कहा कि मूल्यांकन मानकों के अनुसार 35 अंकों में से अदाणी को 29.30 और वेदांता को 18.51 अंक दिए गए। उन्होंने बताया कि एनपीवी के मामले में वेदांता को 35 में से 35 अंक मिले थे, लेकिन 180 दिनों के भीतर व्यापार संचालन में सुधार के लिए पूंजी डालने जैसे अन्य कारकों में उन्हें कम अंक दिए गए।

एनसीएलएटी उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें वेदांता ने जेएएल के लिए सफल समाधान आवेदक के रूप में अदाणी एंटरप्राइजेज के चयन को चुनौती दी है। वकील ने पूरी प्रक्रिया में अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।

इससे पहले 24 मार्च को एनसीएलएटी ने अदाणी समूह द्वारा जेएएल के अधिग्रहण के लिए दी गई 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ वेदांता की याचिका पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, यह भी कहा गया था कि समाधान योजना का भविष्य वेदांता की अपील के परिणाम पर निर्भर करेगा।

इलाहाबाद स्थित एनसीएलटी पीठ ने 17 मार्च को अदाणी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। अदाणी को कर्जदाताओं से अधिकतम 89 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि डालमिया सीमेंट (भारत) और वेदांता समूह पीछे रह गए थे।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

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