नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश की गई आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025-26 में दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की कुल संख्या बढ़कर 87.61 लाख पर पहुंच गई है। यह पिछले साल की तुलना में 7.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। 2024-25 में यह आंकड़ा 81.18 लाख था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मार्च, 2026 तक प्रति एक हजार की आबादी पर वाहनों की संख्या 522 थी। पिछले वित्त वर्ष में पंजीकृत वाहनों की संख्या 81.18 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 87.61 लाख हो गई है।
दस साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध के तहत 19 मार्च, 2026 तक 66.20 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया।
समीक्षा में कहा गया है कि सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दोपहिया वाहनों की श्रेणी में दर्ज की गई है। 19 मार्च तक 59,27,775 दोपहिया वाहन पंजीकृत थे, जो कुल वाहनों का 67.65 प्रतिशत है।
सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) शहर और एनसीआर की सबसे बड़ी इकाई है। मार्च, 2026 में डीटीसी के पास कुल 6,100 बसें थीं, जिनमें 1,002 बिना एसी वाली (सीएनजी) और 760 एसी वाली (सीएनजी) लो-फ्लोर बसें शामिल हैं। इसके अलावा, बेड़े में 2,750 एसी इलेक्ट्रिक (12 मीटर) और 1,588 एसी इलेक्ट्रिक (9 मीटर) बसें भी शामिल हैं।
भाषा सुमित अजय
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