नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) भूटान की 1,200 मेगावाट की पुनात्सांगछू-1 जलविद्युत परियोजना पर सात साल के निलंबन के बाद काम फिर से शुरू हो गया है। भारत के ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बांध निर्माण की शुरुआत के प्रतीक के रूप में आयोजित एक महत्वपूर्ण समारोह में शिरकत की।
भूगर्भीय चुनौतियों के कारण 2019 से रुकी हुई इस परियोजना का पुनरुद्धार द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके अगले पांच वर्षों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। इसका वित्तपोषित भारत ने किया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मनोहर लाल ने अपनी भूटान यात्रा के दौरान परियोजना स्थल का दौरा किया। यह दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा संयुक्त जलविद्युत उपक्रम है और इसके पूरा होने पर भूटान की जलविद्युत क्षमता में काफी वृद्धि होगी। मंत्री ने 10 अप्रैल को पुनात्सांगछू-1 में कंक्रीट डालने के समारोह में भाग लेकर बांध निर्माण फिर से शुरू होने का संकेत दिया।
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत-भूटान के मजबूत ऊर्जा संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने भारत के वित्तीय और तकनीकी सहयोग तथा निर्माण कार्य को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
भाषा पाण्डेय
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