छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में बैगा जनजाति के 13 बच्चों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया

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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में बैगा जनजाति के 13 बच्चों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 05:34 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 05:34 PM IST

कवर्धा (छत्तीसगढ़), सात मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पशुपालन कार्य में बंधुआ मजदूरी कर रहे बैगा जनजाति के 13 बच्चों को मुक्त कराया गया है। बैगा जनजाति ‘विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह’ (पीवीटीजी) है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो कथित तस्कर और छह नियोक्ता शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि यह बचाव अभियान बुधवार को कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई के नेतृत्व वाले एक दल ने शुरू किया था।

यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ (एवीए) नामक एनजीओ से मिली गुप्त सूचना के बाद की गई।

छवई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘गुप्त सूचना मिलने के बाद हमने यह अभियान शुरू किया। जबरन बंधुआ मजदूरी में धकेले गए आठ से 15 साल की उम्र के 13 बच्चों को अलग-अलग गांवों से मुक्त कराया गया। इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो तस्कर और छह नियोक्ता शामिल हैं।’

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सात की पहचान रवि यादव, रामू यादव, बद्री यादव, कन्हैया यादव, रामफल यादव, राम बिहारी यादव और रूपेश यादव के रूप में हुई है।

भाषा सं संजीव जोहेब

जोहेब