Amarjeet Bhagat On MLA Ramkumar Toppo: गिरफ्तारी देने निकले MLA को समर्थकों ने रोका, अमरजीत भगत ने कसा तंज, बोले- ‘जीजा जेल में है, साला मिलने जा रहा था’
Ads
Amarjeet Bhagat On MLA Ramkumar Toppo: अमरजीत भगत ने कहा कि, उनके जीजा जेल में सजा काट रहे है और उन्हें पैरोल में छुड़ाने प्रक्रिया चल रही थी।
Amarjeet Bhagat On MLA Ramkumar Toppo: छत्तीसगढ़ के सरगुजा के सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार को पीटने के मामलें में विधायक कल शुक्रवार को गिरफ्तारी देने निकले थे। इस दौरान उनके समर्थक बड़ी संख्या में पहुँच गए और विधायक को आगे बढ़ने का मौका ही नहीं दिया। इस दौरान महिलाओं ने विधायक रामकुमार टोप्पो का हाथ पकड़कर उन्हें थाने जाने से रोक लिया। जिसके बाद MLA अपने घर लौट गए।
पूर्व मंत्री ने कसा तंज
वही, इस मामले पर पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का बड़ा बयान सामने आया है। पूर्व मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि, मामला जीजा-साला का है, विधायक रामकुमार टोप्पो के जीजा जेल में सजा काट रहे है और उन्हें पैरोल में छुड़ाने कुछ प्रक्रिया चल रही थी। इस प्रक्रिया में हो रही देरी नागवार गुजरा इसलिए विधायक ने नायब तहसीलदार से मारपीट कर दी। उन्होंने आगे कहा कि एक साला अपने जीजा से मिलने जा रहा था, जिसे रोक लिया गया, उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे है जो एक साला को अपने जीजा से भी मिलने नही दे रहे है। उन्हें जाने देना चाहिए था।
नायब तहसीलदार ने MLA पर लगाए सनसनीखेज आरोप
मामले में जहां नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने खुले मंच से सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर एक बड़ा आरोप लगाया है। बताया कि विधायक के जीजा हत्या के आरोप में 10 से 15 सालों से जेल में बंद है और उनकी दीदी अपने पति को गलत तरीके से पैरोल पर छुड़ाने के लिए आधे अधूरे दस्तावेज लेकर उप तहसील कार्यालय राजापुर पहुंची थी और इधर विधायक रामकुमार शोध प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर के लिए नायब तहसीलदार पर दबाव बना रहें थे।
लेकिन पैरोल पर छोड़ने लायक पेपर वर्क नहीं थे और बिना दस्तावेज चेक किए मैं कैसे हस्ताक्षर करता, वहीं नायब तहसीलदार अपने वीडियो में ये भी बोल रहें है कि विधायक बोलते है कि मैं निष्पक्ष जांच में पुलिस का साथ दूंगा, तो उन्होंने मेरे मारपीट का वीडियो क्यों डिलीट कराया। वहाँ मौजूद कई लोगों ने मुझे पीटते हुए वीडियो बनाया था। लेकिन वो डिलीट क्यों कराया गया। हमारी जांच निष्पक्ष नहीं हो पा रहीं है इसलिए कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ इकाई ने मेरे समर्थन में आईजी को ज्ञापन सौंपा है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह विवाद MLA की चचेरी बहन जेल से पैरोल पर रिहा होने के लिए जरूरी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट (शोध क्षमता प्रमाण पत्र ) लेने के लिए उप-तहसील कार्यालय पहुंची थीं। इस दौरान नायब तहसीलदार ने उन्हें बताया कि रीडर अनुपस्थित हैं, और इस वजह से उनकी फाइल पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं। जिसके बाद विधायक की बहन ने नायब तहसीलदार पर बदसलूकी का आरोप लगाया। जिसके बाद विधायक ने अपने समर्थकों को राजपुर उप-तहसील कार्यालय के पास बुलाया, जहां उनके साथ मारपीट की थी।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर क्या आरोप लगे हैं?
नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो पर कथित तौर पर मारपीट और दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
विधायक गिरफ्तारी देने क्यों निकले थे?
नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले में दर्ज प्रकरण को लेकर विधायक गिरफ्तारी देने के लिए निकले थे।
विधायक थाने क्यों नहीं पहुंच सके?
उनके समर्थकों और बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने उन्हें थाने जाने से रोक दिया, जिसके बाद वे अपने घर लौट गए।
अमरजीत भगत ने इस मामले में क्या कहा?
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने तंज कसते हुए कहा कि मामला विधायक के जीजा की पैरोल से जुड़ा है और इसी वजह से विवाद हुआ।
नायब तहसीलदार ने विधायक पर कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं?
नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि विधायक अपने रिश्तेदार की पैरोल प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बना रहे थे तथा मारपीट का वीडियो भी डिलीट करवाया गया।