रायपुर। Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अनवर ढेबर के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने एक और अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। ढेबर के खिलाफ शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई और प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से ओवर टाइम भत्ता देने के नाम पर करोड़ों का हेरफेर करने का आरोप है।
बता दें कि ED ने 29 सितंबर को तीन व्यक्तियों से नकद 28 लाख रुपए जब्त किए थे। इसकी जानकारी कार्यवाही हेतु छत्तीसगढ़ शासन को सूचना प्रेषित की गई थी, जिसके आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद इसी सप्ताह आबकारी के सहायक आयुक्त नवीन तोमर को गिरफ्तार किया गया था। इसी कड़ी में पूछताछ करते हुए अनवर ढेबर के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। विवेचना में पाया गया है की CSMCL में षड्यंत्रपूर्वक मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम भत्ता के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान कराए गए। एजेंसी द्वारा प्रस्तुत बिल में अंकित भत्ते का भुगतान एजेंसी को किया जाता था और एजेंसी द्वारा यह राशि आगे संबंधित कर्मचारियों को दी जानी थी। साल 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भत्ता के नाम पर लगभग ₹100 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया।
नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को देय अतिरिक्त भुगतान थी और यह राशि बिलों के माध्यम से प्लेसमेंट एजेंसियों को इस उद्देश्य से भुगतान की जाती थी कि एजेंसियों द्वारा आगे संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान किया जाए। लेकिन असल में यह राशि कर्मचारियों को भुगतान न होकर एजेंसियों के माध्यम से अवैध रूप से कमीशन के रूप में निकाली व वितरित की जाती थी। इसका बड़ा हिस्सा आरोपी अनवर ढे़बर और आबकारी अधिकारियों तक पहुँचाया जाता था। आरोपी अनवर ढेबर को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।