Reported By: Mohan Patel
,Bemetara Bulldozer Action News/Image Credit: IBC24.in
Bemetara Bulldozer Action News: बेमेतरा: बेमेतरा जिले के साजा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिपरिया में हाल ही में नवीन सेवा सहकारी समिति के भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन किया गया था। इस समिति का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक ईश्वर साहू द्वारा किया गया था। जिस शासकीय भूमि पर भवन निर्माण प्रस्तावित है, वहां रिखीराम साहू (पिता रामनाथ साहू) का कच्चा मकान बना हुआ था, जिसमें वे अपने परिवार के साथ पिछले कई वर्षों से निवास कर रहे थे। पीड़ित परिवार और स्थानीय सरपंच एवं सरपंच पति का आरोप है कि, तहसीलदार ने बिना किसी पूर्व सूचना या विधिवत नोटिस के अचानक बुलडोजर चलाकर मकान को जमींदोज कर दिया।
ग्राम सरपंच हेमलता साहू का कहना है कि, पंचायत द्वारा इस मकान को नहीं तोड़ने का लिखित प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बावजूद प्रशासनिक अमले ने अचानक सुने घर में बुलडोजर चला दिया। वहीं सरपंच ने बताया कि, नियम कानून को ताक में रख कर तहसीलदार ने घर में बुलडोजर चलाया है। (Bemetara Bulldozer Action News) पंचायत अधिनियम एवं पंचायत की भावनाओं और गरीब की स्थिति को नजरअंदाज करते हुए यह कार्रवाई की गई है। वर्तमान स्थिति में घर उजड़ जाने के बाद रिखीराम साहू का परिवार गांव में रहने के जगह नहीं होने से अब ब्लॉक मुख्यालय साजा में एक किराए के मकान में रहने को मजबूर हो गया है। बेघर होने के बाद अब यह परिवार शासन-प्रशासन से न्याय और मुआवजे की गुहार लगा रहा है।
Bemetara Bulldozer Action News: इस पूरे मामले पर जब साजा तहसीलदार विनोद बंजारे से चर्चा की गई, तो उन्होंने प्रशासन का रुख स्पष्ट किया तहसीलदार का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई नियम और कायदों के दायरे में रहकर की गई है। इस मामले में पंचायत के प्रस्ताव और विधिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, जिसके बाद ही निर्माण कार्य के लिए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। ग्रामीणों और पीड़ित की प्रतिक्रिया मीडिया से बात करते हुए पीड़ित महेंद्र साहू, ईश्वरी साहू , ग्रामवासी और सरपंच प्रतिनिधि ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। (Bemetara Bulldozer Action News) उनका कहना है कि विकास के नाम पर एक गरीब को सड़क पर ला देना न्यायसंगत नहीं है। जहाँ एक तरफ सरकार सबको आवास देने का वादा करती है, वहीं दूसरी तरफ बना-बनाया आशियाना को एक नेता के दबाव में उजाड़ दिया गया। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस बेघर हुए परिवार के पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या इन्हें इसी तरह किराए के मकान में अपना जीवन काटने पर मजबूर होना पड़ेगा।
इन्हे भी पढ़ें:-