Home » Chhattisgarh » Chhattisgarh High Court's big decision in the case of CG PSC 2021, instructions to give appointment to such selected candidates within 60 days
CGPSC 2021: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, CBI जांच के बीच चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश
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CG PSC 2021: हाईकोर्ट ने पूरी सुनवाई के बाद बीते 2 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें सोमवार को आज फैसला सुनाया गया है।
बिलासपुर: CGPSC 2021, हाईकोर्ट ने पीएससी 2021 के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट प्रस्तुत नहीं की, उन्हें 60 दिन में नियुक्ति दी जाए। उक्त सभी का चयन डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के पद पर हुआ है। हाईकोर्ट ने पूरी सुनवाई के बाद बीते 2 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें सोमवार को आज फैसला सुनाया गया है।
CBI ने 4 अभ्यर्थियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया
CG PSC 2021, हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि सभी उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग सीबीआई की जांच और हाईकोर्ट के फैसले के अधीन रहेगी। राज्य लोकसेवा आयोग (पीएससी) में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद राज्य शासन ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है। सीबीआई ने 4 अभ्यर्थियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। 44 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
CGPSC में हुई नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई
ज्ञात हो कि पीएससी में हुई नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई बिलासपुर हाईकोर्ट में चल रही है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नही हो जाती, तब तक जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी नियुक्तियां अभी नहीं होंगी। जिनकी नियुक्तियां हो चुकी हैं, वह न्यायालय के आदेश के अधीन रहेगी।
इसके बाद सरकार ने जांच के लिए सीबीआई को मामला सौंपा था। इधर जिन लोगों की नियुक्ति पर रोक लगी थी, उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि पूरी जांच में लंबा समय लग सकता है। तब तक ज्वाइनिंग से वंचित करना अन्याय है।
CGPSC 2021 मामले में हाईकोर्ट का ताज़ा फैसला क्या है?
उत्तर: बिलासपुर हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि जिन चयनित उम्मीदवारों के खिलाफ CBI ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है, उन्हें 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए। हालांकि यह नियुक्ति CBI जांच और कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन होगी।
यह मामला हाईकोर्ट तक क्यों पहुंचा?
उत्तर: CGPSC 2021 की परीक्षा और चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच का जिम्मा CBI को सौंपा। नियुक्ति से वंचित कुछ अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर कहा कि जांच लंबी चलेगी, तब तक नियुक्ति रोकी जाना अन्यायपूर्ण है।
अब तक CBI जांच में क्या सामने आया है?
उत्तर: CBI ने 4 चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। बाकी उम्मीदवारों पर अभी कोई चार्जशीट नहीं दायर हुई है, जिसके चलते कोर्ट ने बाकी योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुमति दी है।
क्या सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल जाएगी?
उत्तर: नहीं, सिर्फ उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी जिन पर CBI ने कोई चार्जशीट दायर नहीं की है। जिन पर आरोप तय हुए हैं, उनकी नियुक्ति अभी भी रोकी गई है।