शह मात The Big Debate: वीडियो से खुलेंगे ‘राज’.. कौन है पत्थरबाज? पक्ष और विपक्ष का एक दूसरे पर वार-पलटवार, प्रदर्शन और प्रेशर पॉलिटिक्स से किसे मिलेगा फायदा?

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CG BJP-Congress Protest Latest Update: रायपुर के खम्हारडीह थाने के बाहर, कांग्रेस का धरना 15 घंटे बाद 24 जुलाई शुक्रवार को खत्म हो गया।

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 11:44 PM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 11:47 PM IST

CG BJP-Congress Protest Latest Update/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • खम्हारडीह थाने के बाहर कांग्रेस का धरना 15 घंटे बाद 24 जुलाई शुक्रवार को खत्म हो गया।
  • दीपक बैज ने कहा, उपद्रव मामले में DCP तारकेश्वर पटेल और दीपमाला से लंबी बाचतीत हुई।
  • कांग्रेस का आरोप था मामले में पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए केवल 12 कांग्रेसियों पर FIR दर्ज की।

CG BJP-Congress Protest Latest Update: रायपुर: 23 जुलाई शाम से, रायपुर के खम्हारडीह थाने के बाहर, कांग्रेस का धरना 15 घंटे बाद 24 जुलाई शुक्रवार को खत्म हो गया। PCC चीफ दीपक बैज का दावा है कि 22 जुलाई को राजीव भवन घेराव के दौरान हुए उपद्रव मामले में DCP तारकेश्वर पटेल और दीपमाला से लंबी बाचतीत हुई। वे खुद दीपक बैज, संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू और प्रदेश प्रभारी सचिवों की बैठक के बाद पुलिस 3 बिंदुओं पर सहमत है, पहला- कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गैरजमानती धाराओं की जांच होगी, घटनाक्रम पर नए सिरे से FIR दर्ज होगी, पत्थर फेंकने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं पर वैधानिक कार्रवाई होगी। (CG BJP-Congress Protest Latest Update) कांग्रेस का आरोप था मामले में पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए केवल 12 कांग्रेसियों पर FIR दर्ज की। इधर, इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो टूक कहा- आंदोलन करने का अधिकार सबको है लेकिन हिंसा करने का नहीं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा, कहा कि हार से बौखलाकर कांग्रेसी नेता कश्मीर में पत्थरबाजों जैसा व्यवहार ना करें। जवाब में PCC चीफ दीपक बैज ने पलटवार किया, सरकार को इतना घबराने का जरूरत नहीं है। कांग्रेस ने फिर चैलेंज किया- साथ बैठकर घटना वाले दिन का फुटेज देखें सामने आ जाएगा किसने पत्थर चलाए थे।

CG BJP-Congress Protest Latest Update:  सवाल ये है कि इस पूरे हंगामे और उपद्रव में क्या पुलिस वाकई दबाव में है? दबाव है तो क्या विपक्ष ने पहले पत्थर चलाए, धमकाया और फिर थाना घेकर दवाब बनाया या फिर सत्तापक्ष के इशारे पर कांग्रेसियों पर एकतरफा FIR हुई थी? क्या पुलिस वाकई पत्थरबाजी के फुटेज रिव्यु कर फिर सेत नामजद FIR करेगी ? सबसे बड़ा सवाल क्या इस प्रदर्शन और प्रेशर पॉलिटिक्स से किसी को लाभ होगा?

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