शह मात The Big Debate: बिजली पर नई लड़ाई.. ये पुराने कर्ज की भरपाई? सरकार को लगातार घेर रहा विपक्ष, क्या आरोप- प्रत्यारोप से जनता को मिलेगी कोई राहत?

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CG Electricity Issue: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने मुखर होकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 11:47 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 11:47 PM IST

CG Electricity Issue/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है।
  • विपक्ष ने रणनीति बनाकर बढ़ते बिजली बिल पर जनता की तकलीफ पर सरकार का जमकर विरोध किया।
  • विपक्ष के तीखे तेवर देख कर, बीजेेपी ने उल्टे कांग्रेस पर आरोप लगाए।

CG Electricity Issue: रायपुर: सड़क…सदन और सोशल मीडिया…छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने मुखर होकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने रणनीति बनाकर बढ़ते बिजली बिल पर जनता की तकलीफ पर सरकार का जमकर विरोध किया। जिला मुख्यालयों में सीनियर कांग्रेस नेताओं प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर सरकार को कोसा तो सड़क पर उतरकर बिजली दफ्तरों का घेराव कर जमकर नारेबाजी की, (CG Electricity Issue) कांग्रेस का ऐलान है कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में, मुद्दे पर विपक्षी विधायक सदन में काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार से जवाब मांगेंगे, साथ ही महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर पर विधानसभा घेराव करेगी।

इधर, मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवर देख कर, बीजेेपी ने उल्टे कांग्रेस पर आरोप लगाए। छग बीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछली भूपेश सरकार ने CSPDCL को सब्सिडी का 2174 करोड़ रू भुगतान नहीं किया, जिसे हमें चुकाना पड़ा। (CG Electricity Issue) आरोप पर जवाब दिया PCC चीफ दीपक बैज ने कहा, बीजेपी सरकार खुद को बचाने झूठ बोल रही हैं।

बीजेपी का तर्क है अन्य प्रदेशों की तुलना छग में टैरिफ अभी भी कम है, दूसरा ‘सूर्य घर योजना’ ऊर्जा सेक्टर का भविष्य है। इसीलिए सरकार इसे प्रमोट कर रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि अन्य राज्यों से रिजेक्टेड कर और निकाले गए स्मार्ट मीटर यहां क्यों लगाए जा रहे हैं। (CG Electricity Issue) सवाल है बढ़ी विद्युत दरों के झटके के लिए कौन जिम्मेदार है? सियासी आरोप तो दोनों तरफ से हैं लेकिन क्या आमजन को राहत की कोई सूरत निकतलती दिख रही है?

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