Chhattisgarh High Court: पिता के निधन के बाद अटकी अनुकंपा नियुक्ति, TET में देरी पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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Chhattisgarh High Court: अगर कोरोना की वजह से छूटी है अनुकंपा नियुक्ति, तो तुरंत पढ़ें हाईकोर्ट का यह नया आदेश

Chhattisgarh High Court/Photo Credit: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • TET परीक्षा समय पर नहीं होने का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं उठाना पड़ेगा
  • कोर्ट ने अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर मामले पर दोबारा विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया
  • हाईकोर्ट ने माना कि कोविड महामारी के कारण परीक्षा स्थगित होना अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति एन के चन्द्रवंशी की एकलपीठ ने कहा है, कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) समय पर आयोजित नहीं होने का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है।

विभाग ने अस्वीकार कर दिया था अनुकंपा नियुक्ति

Chhattisgarh High Court दरअसल, धमतरी निवासी वासुदेव साहू के पिता, जो सहायक शिक्षक थे, उनका वर्ष 2017 में सेवा के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद वासुदेव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के लिए उन्हें तीन वर्ष का समय दिया गया था। उन्होंने डी.एल.एड. की परीक्षा समय पर उत्तीर्ण कर ली, लेकिन मार्च 2020 में होने वाली टेट परीक्षा कोविड-19 के कारण निरस्त हो गई। बाद में जनवरी 2022 में आयोजित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की। इसके बावजूद पंचायत विभाग ने निर्धारित समय में योग्यता प्राप्त न करने का हवाला देकर उनकी अनुकंपा नियुक्ति का दावा अस्वीकार कर दिया। जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए

Chhattisgarh High Court मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि, टेट परीक्षा समय पर आयोजित न होना अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी। इसलिए उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा, कि कोविड अवधि में समय-सीमा संबंधी राहत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस मामले में भी लागू होंगे। हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2022 का अयोग्यता आदेश निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को वासुदेव साहू के अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है।

 

 

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हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया?

हाईकोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के कारण TET परीक्षा में हुई देरी का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं दिया जा सकता और मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया।

यह मामला किससे जुड़ा था?

यह मामला धमतरी निवासी वासुदेव साहू की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा था, जिनके पिता सहायक शिक्षक थे और सेवा के दौरान उनका निधन हो गया था।

अनुकंपा नियुक्ति क्यों अस्वीकार की गई थी?

विभाग ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET योग्यता पूरी नहीं होने का हवाला देकर आवेदन अस्वीकार कर दिया था।

कोर्ट ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

कोर्ट ने अयोग्यता का आदेश निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर कानून के अनुसार मामले पर पुनर्विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया।

इस फैसले का अन्य अभ्यर्थियों पर क्या असर हो सकता है?

यह फैसला उन मामलों में मार्गदर्शक हो सकता है, जहां कोविड-19 जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण निर्धारित समय-सीमा का पालन करना संभव नहीं हो पाया था।